खूंटी में दर्ज हैं सबसे अधिक मुकदमे
अजय शर्मा
रांची। उन सारे लोगों के लिए राहत की खबर है, जिन्होंने सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन का विरोध और पत्थलगड़ी के समर्थन में आंदोलन किया था। जिस दौरान यह आंदोलन राज्य में चरम पर था, उस समय सबसे अधिक मामले आदिवासी बहुल जिला खूंटी में दर्ज हुए थे। आरोप लगा था कि सरकार चुन-चुन कर युवाओं पर देशद्रोह का मामला दर्ज कर रही है, ताकि उनका भविष्य खराब हो सके। हेमंत सोरेन की अगुवाई में जैसे ही महागठबंधन की सरकार बनी थी, सारे मुकदमे वापस लेने का फैसला हुआ था। कागजी खानापूर्ति के बाद अब क्रमवार वैसे मामले वापस हो रहे हैं। खूंटी जिला प्रशासन ने इस संबंध में राज्य सरकार को एक पत्र भेजा है।
सिर्फ खूंटी में दर्ज हैं 34 मामले
खूंटी जिला के अपर लोक अभियोजक रवींद्र नारायण सिंह ने खूंटी के उपायुक्त को लिखा है कि त्रिस्तरीय कमेटी द्वारा अनुशंसित कुल 18 वादों में से एक में पुलिस द्वारा फाइनल फॉर्म भेज दिया गया है और एक में विचारोपरांत रिहाई हो गयी है। अब केवल 17 मामले बचे हैं, जिसमें पूर्व के वादों को मिला कर 34 मामले होते हैं। 28 सितंबर को 10 केस को वापस लेने के लिए न्यायालय में आवेदन दिया जा चुका है और इस पर बहस जारी है। खूंटी के डीसी ने इस पूरे मामले पर राज्य सरकार के गृह विभाग को एक पत्र भेजा है और की जा रही कार्रवाई से अवगत कराया है।
जगरा मुंडा बरी
जगरा मुंडा के खिलाफ खूंटी थाना में कांड संख्या 124/2016 दर्ज है। इस मामले में उसके खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा था। अब वह बरी हो चुका है।
पौलुस टूटी, बिरसा उरांव और मुंगला मुंडा का मामला होगा वापस
खूंटी जिला प्रशासन की ओर से खूंटी थाना कांड संख्या 102/2017 के आरोपी सुखराम मुंडा और अखंडता मुंडा, खूंटी थाना कांड संख्या 17/2018 के आरोपी मुंगला मुंडा, अड़की थाना कांड संख्या 89/2018 के आरोपी सुरेश नाथ समद, खूंटी थाना कांड संख्या 33/2018 के आरोपी पौलुस टूटी, मुरहू थाना कांड संख्या 20/2018 के आरोपी बैजनाथ पाहन, मुरहू थाना कांड संख्या 20/2018 के आरोपी बिरसा उरांव के मामले भी वापस होंगे। इसके लिए न्यायालय में आवेदन दिया जा चुका है। इस मामले में जगरा मुंडा, जॉनसन ठाकुर मुंडा, सुखराम मुंडा, प्रोफेसर और यूसुफ पूर्ति के खिलाफ दर्ज मामले भी जल्द वापस होंगे।
बबीता कच्छप और दुर्गा मुंडा के मामलों पर भी विचार
आंदोलन के दौरान बबीता कच्छप और दुर्गा मुंडा का नाम तेजी से उभरा था। इनके खिलाफ भी खूंटी और मुरहू में कई मामले दर्ज हैं। इनके विरुद्ध जो मामले दर्ज हैं, उनके वापस होने में थोड़ा पेंच है। इनके खिलाफ गंभीर आरोप के तहत धाराएं लगायी गयी हैं। प्रशासन इस मामले में कानूनविदों से राय ले रहा है।