रांची। झारखंड में मनरेगा के रिक्त पदों की बहाली की प्रक्रिया जल्द ही पूरी की जायेगी। ग्रामीण विकास विभाग ने 31 अक्टूबर तक मनरेगा के तकरीबन 1100 रिक्त पदों को भरने का लक्ष्य निर्धारित किया है। बहाली की प्रक्रिया इस माह के अंत तक पूरी करने के बाद 15 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हाथों सांकेतिक रूप से कुछ लोगों को नियुक्ति पत्र का वितरण किया जायेगा। लंबे समय से रिक्त इन पदों का असर मनरेगा के कामकाज पर भी पड़ रहा है। हाल के कुछ महीनों में रोजगार के आंकड़ों में भारी गिरावट दर्ज की गयी है।
मनरेगा के तहत जिला स्तर पर बहाली की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश ग्रामीण विकास विभाग के स्तर से जिलों को दिया जा चुका है। वहीं, राज्य स्तरीय पदों की बहाली की प्रक्रिया मुख्यालय स्तर पर पूरी की जायेगी। जिन पदों की बहाली होनी है, उनमें ओएसडी, कार्यपालक अभियंता, सहायक, सहायक अभियंता और कनीय अभियता, कंप्यूटर आॅपरेटर, रोजगार सेवक और प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी प्रमुख हैं।
शिक्षकों की नियुक्ति पर जोर
राज्य सरकार वर्ष 2021 को नियुक्ति वर्ष के रूप में घोषित कर लगातार रिक्त पदों को भरने पर जोर दे रही है। इस कड़ी में राज्य सरकार ने कालेजों में शिक्षकों की होनेवाली नियुक्ति में बदलाव किया है। इसके तहत विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा वर्ष 2018 में जारी रेगुलेशन को अंगीकार करते हुए उसके आधार पर नियमावली गठित की है, जिसके आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति होगी।
इसमें नियुक्ति के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं तथा मेधा सूची तैयार करने की विधियों और अंकों का निर्धारण कर दिया गया है।
राज्य में वर्ष 2008 के बाद कालेजों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति ही नहीं हो पायी थी। कालेजों में शिक्षकों के रिक्त पद भरेंगे तो उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आयेगा।