रांची। भाजपा ने पंचायत प्रतिनिधियों को साम्मानित करने के लिए रांची के हरमू मैदान में मंगलवार को कार्यक्रम का आयोजन किया। इस भव्य कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को सम्मानित किया गया।
भाजपा के नेताओं ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार के जनहित के कार्यों को बताया, तो राज्य की हेमंत सरकार पर निशाना साधा। प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश और विधायक दल नेता बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार को घेरा। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने पूर्व की भाजपा सरकार में हुए कार्यों से मौजूदा सरकार की तुलना की।
देश में सबसे भ्रष्ट है हेमंत सरकार: दीपक प्रकाश
प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि देवतुल्य आप लोग का स्वागत और और अभिनंदन करते है। राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हुआ, लेकिन उन्हें मलाल है कि पिछड़ो को अधिकार नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वित्त आयोग 2006-14 की तुलना में 2014-2022 में पंचायतों को पांच गुना मदद अधिक केंद्र से मिली है। कांग्रेस की तुलना में मोदी सरकार पंचायतों को अधिक दे रही है। केंद्र की सरकार गरीब, किसानों की सरकार है। केंद्र से पैसे आते हैं, योजना आती है पर राज्य सरकार पैसे खर्च नहीं करती। योजना लटकाती है। राज्य सरकार पिछली सरकार की योजनाओं को किनारे कर दी है। केंद्र सरकार के स्तर से भेजे गये पैसों का बंदरबांट यह सरकार कर रही है। अभी देश में सबसे भ्रष्टाचारी सरकार इसी राज्य में है। हेमंत सरकार इसके लिये दोषी है। राज्य में महिलाओं के खिलाफ 5753 अनाचार की घटना घटी है। इस मामले में पूरे देश में यह सबसे खराब स्थिति है। प्रतिदिन देश में हत्या का औसत 5.6 प्रतिशत है जबकि इस राज्य में 7 प्रतिशत। इस राज्य में अब जंगल राज के खिलाफ, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने की जरूरत है। सरकार को उखाड़ कर फेंकने तक भाजपा चैन की नींद नहीं सोयेगी। इसके लिये भाजपा के कार्यकतार्ओं ने संघर्ष का रास्ता चुना है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पैसे भेजती है किन्तु हेमंत सरकार उस पैसे पर कुंडली मारकर बैठी रहती है, खर्च नहीं करती है। योजनाएं केंद्र सरकार भेजती है उन योजनाओं को यह सरकार लटकाने का कार्य करती है। हेमंत सरकार गांव गरीब किसान की उन्नति नहीं चाहती है। प्रकाश ने कहा कि पुरे देश में सर्वाधिक भ्रष्ट सरकार हेमंत सरकार है। कांग्रेस जेएमएम और राजद परिवारवाद पर चलने वाली प्राइवेट एजेंसी की सरकार है।
ग्राम स्वशासन को करें सशक्त: रघुवर दास
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य और देश को आगे बढ़ाना है तो गांव का विकास करना होगा। जिप, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि अपने अपने क्षेत्रों के लीडर हैं। गांव और राज्य के विकास तथा सबका साथ, सबका विकास करने के मंत्र पर काम करना है। ग्राम स्वशासन और ग्राम अर्थव्यवस्था को मजबूत करें। राज्य में पिछली सरकार (2014-2019) में डबल इंजन सरकार में 4000 से अधिक पंचायतों में पंचायत भवन बना। गांव और शहर की खाई को मिटाने को 2014 से 2019 तक सौर ऊर्जा के माध्यम से पेयजल की व्यवस्था करायी गयी। हर गांव में स्ट्रीट लाइट शहरों की तरह दिखने लगी थी। अभी गांव में पानी की टंकी खराब है, स्ट्रीट लाइट खराब है पर कोई देखने वाला नहीं। जब भाजपा की सरकार थी तो योजना बनाओ अभियान की शुरूआत हुई थी। मंत्री और अफसर गांव में जाकर गांव के लोगों के साथ बैठकर योजना बनाने का काम करते थे। पर अभी ऐसा नहीं है। हर घर पानी पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन पर काम केंद्र की मदद से हो रहा है पर राज्य में यह फेल है। केंद्र और राज्य सरकार की योजना और राशि पर प्रतिनिधि नजर रखें। मिड डे मील, आंगनबाड़ी सेवा, पेंशन समेत अन्य सेवाओं पर खास ध्यान रहे। उनके कार्यकाल में हर मुखिया के लिए पंचायत सचिवालय का निर्माण कराया गया था। हर गांव में पंचायत स्वयंसेवक रखे गए थे पर उनसे काम नहीं लिया जा रहा अभी। हर महीने ग्राम सभा की बैठक हो, उपस्थिति सबों की हो। सीएम कृषि आशीर्वाद योजना के तहत प्रति एकड़ 5000 रुपया किसानों को दिया जा रहा था पर अब राज्य में लुटेरों की सरकार है। इतने संसाधनों के बावजूद इस राज्य का गरीब रहना स्वीकार नहीं। राज्य में नदी, पहाड़, जमीन को लूटने में यह सरकार लगी है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से कहा कि केंद्र और राज्य की योजनाओं को जमीन पर उतारने की जरूरत के साथ-साथ इसकी चौकसी भी करना है। उन्होंने कहा कि झारखंड किसी एक पार्टी का नहीं सवा तीन करोड़ लोगों का है।
सरकार के भरोसे गांव का विकास नहीं: बाबूलाल
भाजपा विधायक दल नेता बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते कहा कि पंचायत प्रतिनिधि केंद्र, राज्य सरकार की योजनाओं के बारे में जागरूक रहें। कैसे वाजिब लोगों को इसका लाभ मिले, इसे सुनिश्चित करें। वार्ड सदस्यों को छोड़ दिया जाये तो जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायत में 53 प्रतिशत प्रतिनिधि भाजपा के हैं। यह बड़ी बात है। ऐसे में अपने अपने काम से अपने क्षेत्रों, गांवों में उदाहरण प्रस्तुत करें। जरूरतमंदों को राशन मिले, इसके लिए सतर्क रहें। इस लुटेरी सरकार में महीनों से लोगों को राशन नहीं मिल रहा। रघुवर सरकार में डाकिया योजना के तहत आदमि जनजाति के लोगों को घर घर में राशन मिल रहा था। पिछले नवंबर महीने से यह नसीब नहीं हो रहा। पूरे राज्य में किसी किसी महीने का राशन गायब हो जा रहा है। इस साल दिसंबर तक 5 किलो अनाज केंद्र की मदद से मुफ्त मिलना है पर राज्य सरकार हेराफेरी कर रही है। गरीबों के हिस्से का अनाज गरीबों के घर तक पहुंचे, सरकार के भरोसे न छोड़ें। पेंशन योजना जरूरतमंद को मिले, आधार से लिंक हो, यह सब देखें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यूपीए गठबंधन ने पैसे और परिवार के लिए सरकार बनायी है। पैसे और परिवार के लिए ही काम हो रहा है जबिक काम करने के लिए जनादेश मिला था। पर इसकी बजाये काम नहीं करने का आरोप भाजपा पर लगाती रहती है। सरकार के स्तर से कमाने का आरोप दिख रहा है। सचिव के पास पैसे मिले हैं। शागिर्द जेल में हैं। उसके कारनामे छिपे नहीं हैं। ऐसे लोगों से उनके कैसे संबंध हैं, यह सीएम बताते नहीं हैं। तकरीबन तीन वर्षों में गांव में बनी सड़कें टूट गयी है। कहीं सड़कों का काम नहीं हुआ है। आदिवासी की झूठी चिंता करती है राज्य सरकार। तीन सालों में सदन मे बालू की नीलामी के लिए सवाल उठाते हैं। तीन साल में एक बार भी बालू घाटों की नीलामी नहीं हुई। यहां से बालू, पत्थर, कोयला बाहर चला जाता है। संतालपरगना, धनबाद, रामगढ़ से लेकर चारों तरफ लुटेरे बैठे हैं। खाली पड़ी जमीनों को भी हेमंत सरकार के गुंडे लूटने को पहुंच रहे हैं। पुलिस, प्रशासन भी कुछ नहीं कर पा रहा। जिसका काम इस लूट को रोकना था वह स्टूल का काम कर रहे है। इस सरकार को विदा करना है। उन्होंने सीएम हेमंत सोरेन पर हमला करते हुए कहा कि उन्हें पता है उनकी मौत निश्चित है। फिरभी हड़बड़ी में है। न्यायालय पहुंच जाते है, सूचना अधिकार के तहत पूछते है हमारी मौत कब होगी।