रांची। झारखंड सरकार के साथ-साथ सरकार के कुछ पदाधिकारी भी भाजपा के निशाने पर हैं। इनमें सबसे ऊपर देवघर के डीसी हैं। सरकार के चहेते मंजूनाथ भजंत्री भाजपा नेताओं की हिटलिस्ट में हैं। गोड्डा के भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के बाद अब भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने भजंत्री को निशाने पर लिया है। शुक्रवार को बाबूलाल ने अपने ट्विटर अकाउंट में मंजूनाथ भजंत्री के दो वीडियो शेयर किये। पहले वीडियो में डीसी सारठ में सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे। वह पूछ रहे थे, कितने लोगों ने देवघर एम्स में इलाज करवाया। क्या आपमें कोई एम्स या देवघर एयरपोर्ट में नौकरी कर रहा है। इस वीडियो पर बाबूलाल ने लिखा कि भजंत्री डीसी के पद पर रह कर झामुमो के प्रवक्ता की तरह काम कर रहे हैं। उन्हें देवघर में एम्स और एयरपोर्ट के निर्माण में विकास नहीं नजर आता।
दूसरी वीडियो में एक कांवरिया डीसी को देवघर आनेवाले कांवरियों को होने वाली दिक्कतों के बारे में बता रहा है। अंत में डीसी ने उससे पूछ लिया, किस पार्टी से हो। इस वीडियो पर बाबूलाल ने लिखा है, ये नौकरशाह अपनी पीड़ा बताने वाले कांवरियों पर पार्टी से जुड़े होने का आरोप लगा देते हैं। हाइकोर्ट की फटकार के बाद न्यायिक व्यवस्था पर गुस्सा दिखाने वाले इस व्यक्ति का आचरण शुरू से असंवैधानिक रहा है। ब्यूरोक्रेसी की छवि धूमिल करने वाले ऐसे अधिकारी पर भारत सरकार कड़ी कार्रवाई करे।
23 अक्टूबर को भी बाबूलाल ने उठाया था सवाल
इससे पहले 23 अक्टूबर को भी बाबूलाल मरांडी ने राज्य के कुछ अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किये थे। कहा था, पैसे की लालच में मुट्ठी भर बेईमान अफसरों द्वारा सत्ता के इशारे पर किये जा रहे गलत और असंवैधानिक कार्यों के चलते देश-दुनिया में झारखंड की नौकरशाही की थू-थू हो रही है। ऐसे कुछ लोगों की करतूतों का पानी अब सर से ऊपर बह रहा है। राज्य के निष्ठावान अधिकारियों को आगे आकर ऐसे भ्रष्ट-बेईमान चेहरों का नाम उजाकर कर कार्रवाई की पहल करनी चाहिए, ताकि और फजीहत न हो।
इससे पहले मंजूनाथ भजंत्री और गोड्डा सांसद निशिकांत दुबे के बीच भी जबरदस्त ट्विटर वार हुआ था। 31 अगस्त को एयरपोर्ट के एटीसी बिल्डिंग में घुसने को लेकर पहले डीसी और फिर सांसद की ओर से एफआइआर कराया गयी थी। इसके बाद दोनों के बीच ट्विटर पर लंबी बहस चली थी। उस वक्त निशिकांत के पक्ष में भाजपा के नेताओं के साथ-साथ निर्दलीय विधायक सरयू राय भी उतरे थे और डीसी को गलत ठहराया था। मधुपुर के विधानसभा उपचुनाव के समय से ही डीसी और सांसद के बीच विवाद शुरू हुआ था। धीरे-धीरे यह विवाद बढ़ता गया और अब भाजपा के दूसरे नेता भी डीसी के खिलाफ उतर चुके हैं।