रांची। अवैध खनन में मनी लांड्रिंग के तहत अनुसंधान कर रही इडी की टीम बहुत जल्द कोलकाता के एक कारोबारी यश जालान को भी आरोपित बना सकती है। यश जालान मेसर्स मैरिन इंफ्रालिंक लाजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड के संचालक हैं, जिनकी एक मालवाहक जहाज को इडी ने पूर्व में जब्त कर लिया था, जिसका परिचालन जेएमएम नेता पंकज मिश्रा और उनके सहयोगी दाहू यादव, बच्चू यादव के माध्यम से हो रहा था। उक्त जहाज पर अवैध तरीके से खनन किये गये पत्थर से लदे वाहनों को साहिबगंज में गंगा नदी पर ढोने का आरोप है।
इडी के रडार पर आने वाले कोलकाता के ये तीसरे व्यवसायी
करीब 1000 करोड़ के अवैध खनन मामले में जांच कर रही इडी ने पूर्व में कोलकाता के दो व्यवसायी अमित अग्रवाल और संजय चौधरी को अपने रडार पर रखा था। यश जालान कोलकाता के तीसरे ऐसे व्यवसायी हैं, जिनके विरुद्ध जल्द ही जांच शुरू होनी है।
मालवाहक जहाज को इडी ने किया था जब्त
इडी ने गत 26 जुलाई को साहिबगंज में गंगा नदी पर स्थित शुकरघाट से एक मालवाहक जहाज जब्त किया था, जिसकी कीमत करीब 33 करोड़ रुपये बतायी गयी थी। तब इस बात का खुलासा हुआ था कि बिना वैध दस्तावेज के स्टोन चिप्स का परिवहन हो रहा था। बाद में इस मामले में साहिबगंज के मुफ्फसिल थाने में प्राथमिकी भी दर्ज करायी गयी थी, जो फिलहाल अनुसंधान के अधीन है।
बच्चू यादव ने जहाज का करवाया था परिचालन
इडी को छानबीन में पता चला कि अवैध तरीके से स्टोन चिप्स के परिवहन की जानकारी यश जालान को भी थी। इडी ने उक्त मालवाहक जहाज के कैप्टन अजिजुल शेख का बयान भी कलमबद्ध किया था। अजिजुल शेख के अनुसार बच्चू यादव ने जहाज का परिचालन करवाया था। बच्चू यादव की अनुपस्थिति में दाहू यादव पत्थर और स्टोन चिप्स परिवहन आदि को देख रहा था। अधिकतर पत्थर और स्टोन चिप्स लदे ट्रक बिना खनन चालान के ही बिहार और बंगाल में भेजे जा रहे थे। इडी ने उक्त जहाज के सुपरवाइजर आनंद सिंह का भी बयान लिया था, जिसने यह स्वीकारा कि उक्त जहाज से अवैध तरीके से पत्थर और स्टोन चिप्स का परिवहन हो रहा था।
यश जालान पर अवैध खनन में हिस्सेदार होने का है शक
यश जालान पर अवैध खनन से आनेवाले काले धन में हिस्सेदार होने का शक है। उन्होंने अपना जहाज दाहू यादव को किराये पर दिया था, जिस पर अवैध तरीके से पत्थर का परिवहन हो रहा था। इडी को जांच के दौरान यश जालान और दाहू यादव के बीच एकरारनामा से संबंधित दस्तावेज भी मिले थे। इसमें प्रत्येक परिवहन में यश जालान को हिस्सा पहुंचने आदि की पुष्टि हुई है और दाहू यादव तथा यश जालान के बीच भारी मात्रा में रुपयों के लेन-देने की जानकारी मिली है। इडी को यह भी पता चला था कि गंगा नदी के रास्ते बिहार व बंगाल को भारी मात्रा में स्टोन चिप्स भेजा गया है।