- कार्यक्रम की पूर्व संध्या पर भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं में जोश भरा दीपक प्रकाश, बाबूलाल और कर्मवीर ने
आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। मंगलवार को हरमू मैदान में त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि सम्मान समारोह की तैयारी बैठक प्रदेश अध्यक्ष सांसद दीपक प्रकाश की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें सभी विभागों की जिम्मेवारी संभालने वाले प्रमुख और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि सम्मान समारोह को लेकर पूरे प्रदेश के कार्यकर्ताओं में उत्साह है। 18 अक्टूबर का दिन पार्टी के इतिहास में ऐतिहासिक होगा। झारखंड के गांव-गांव से लोग, जिन्होंने जनता का विश्वास प्राप्त किया है, वे रांची आ रहे हैं। उन्होंने भाजपा की विचारधारा को अपनी सक्रियता से जमीनी स्तर पर पहुंचाया है।
जनप्रतिनिधि हमारे अतिथि भी हैं और पार्टी की पूंजी भी : बाबूलाल मरांडी
वहीं भाजपा विधायक दल के लेतर और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सम्मान समारोह में लगे सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेवारी है कि कार्यक्रम में आये सभी प्रतिनिधियों का केवल कार्यक्रम स्थल पर ही सम्मान नहीं हो, बल्कि उन्हें हर विभाग की व्यवस्था में सम्मान दिखना चाहिए। कहा कि जनप्रतिनिधि हमारे अतिथि भी हैं और पार्टी की पूंजी भी हैं।
संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि सम्मेलन की सफलता व्यवस्था में लगे एक-एक कार्यकर्ता के ऊपर निर्भर है। उन्होंने कहा कि सभी अपने-अपने विभाग की जिम्मेवारी संभाल लें, तो पूरी व्यवस्था संभल जायेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता जिस जिम्मेवारी को लेता है, उसे ईमानदारी और कर्मठता से पूरा करता है। यही हमारी पहचान भी है और ताकत भी। बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री बालमुकुंद सहाय ने किया। बैठक में प्रदेश महामंत्री सांसद आदित्य साहू, डॉ प्रदीप वर्मा, सुबोध सिंह गुड्डू, काजल प्रधान, योगेंद्र प्रताप सिंह, शिव पूजन पाठक, रमेश सिंह, शोभा यादव, संजीव विजयवर्गीय, केके गुप्ता, विनय सिंह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।
5378 पंचायत प्रतिनिधियों को किया जायेगा सम्मानित
इस सम्मान समाहरोह में हाल ही में संपन्न त्रि स्तरीय पंचायत प्रतिनिधि चुनाव में भाजपा समर्थित नव निर्वाचित जिला परिषद के 9 अध्यक्षों, 8 उपाध्यक्षों, 243 सदस्यों-प्रमुखों, उप प्रमुख, 2377 मुखिया/उप मुखिया, 2741 पंचायत समिति सदस्यों को भाजपा द्वारा सम्मानित किया जायेगा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारत सरकार के पंचायती राज राज्यमंत्री कपिल मोरेश्वर पाटिल उपस्थित रहेंगे। वहीं इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश, नेता विधायक दल और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी, संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह सहित पार्टी के कोर कमिटी सदस्य, प्रदेश पदाधिकारी, सांसद, विधायक और कार्यकर्ता शामिल होंगे।
ग्राम स्वराज की कल्पना ही पंचायत प्रतिनिधि सम्मान का मुख्य लक्ष्य : दीपक प्रकाश
मंगलवार को रांची के हरमू मैदान में आयोजित पंचायत प्रतिनिधियों के ऐतिहासिक सम्मान समारोह के बारे में भाजपा के राज्यसभा सांसद सह प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष दीपक प्रकाश का कहना है कि ग्राम स्वराज की कल्पना ही पंचायत प्रतिनिधि सम्मान का मुख्य लक्ष्य है। झारखंड में करीब 71 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्र है। गांधीजी की कल्पना ग्राम स्वराज की थी। भारत की आत्मा भी गावों में ही बसती है। इसी तरह झारखंड की आत्मा भी गांव ही है। पंचायती राज चुनाव लोकतंत्र का बहुत ही महत्वपूर्ण आयाम है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में पंचायती व्यवस्था का प्रमुख स्थान है। झारखंड में अर्जुन मुंडा की सरकार ने पहली बार पंचायत चुनाव कराया था। उसके बाद यह तीसरा चुनाव रहा। तीनों चुनाव दलीय आधार पर नहीं हुआ। यह किसी पार्टी के सिंबल पर नहीं हुआ था। इस बार के चुनाव में हम लोगों ने तय किया कि चूंकि हम विपक्ष में हैं, इसलिए हमारा जनाधार गांव के जन-जन तक जाये। शहरों में तो भाजपा पहले से काफी मजबूत है, लेकिन गांव में जो भी कमियां रह गयी हैं, उन्हें हम दूर करें। वहां भी हमारी उपस्थिति पहले से मजबूत हो। जब झारखंड में पंचायत चुनाव नहीं हो रहे थे, तब भाजपा ने ही उसे जल्द कराने के लिए आंदोलन किया। पंचायत चुनाव की घोषणा भाजपा के दबाव के कारण ही हुई। भाजपा के आंदोलन के बाद जब चुनाव की घोषणा हुई। चूंकि चुनाव दलीय आधार पर नहीं हो रहा था, इसलिए भाजपा ने एक रणनीति के तहत अपनी भागीदारी तय की। हमने तय किया कि पार्टी के कार्यकर्ताओं को चुनाव मैदान में उतरना है। इसके लिए सर्वसम्मति के साथ एक स्ट्रक्चर तैयार किया गया। हमने फोर टियर सिस्टम को फॉलो किया। उसके अनुरूप हमने जिला के हिसाब से, प्रखंड के हिसाब से, पंचायत के हिसाब से और गांव के हिसाब से हमने चुनाव प्रभारी बनाया। फिर चुनावी दृष्टिकोण से उन्हीं लोगों के माध्यम से हमने तय किया कि किस जगह पर किसे समर्थन देना है। कौन वहां जीत सकता है। फिर उन्हें प्रचार की सामग्री मुहैया करवायी गयी। इस क्रम में भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता टॉप टू बॉटम चुनाव मैदान में उतर गया। वार्ड सदस्य को छोड़ कर सीटों की संख्या 10270 थी। चुनाव में जिला परिषद चेयरमैन के लिए 24 सीटों पर चुनाव हुआ, उसमें भाजपा समर्थक 9 उम्मीदवार जीते। वाइस चेयरमैन की 24 सीटों में से आठ सीटें, जिला परिषद सदस्य की 536 में से 243, ग्राम प्रधान/मुखिया की 4345 में से 2377, पंचायत प्रतिनिधि के लिए 5341 सीटों में से 2741 सीटों पर भाजपा समर्थकों को जीत मिली। कुल जीत की संख्या 5378 रही। जैसे-जैसे डाटा सामने आता गया, हमारी ऊर्जा बढ़ती गयी। चुनाव में 53 % हमारा सक्सेस रेट रहा। दीपक प्रकाश का कहना है कि जीत का एक प्रमुख कारण कार्यकर्ताओं द्वारा प्रतिनिधियों से सीधा संवाद भी रहा। 5378 लोगों से हमारी सीधी बात होती थी। एक-एक मुखिया से बात होती थी। जीत के बाद लगा कि पार्टी को उनका अभिनंदन करना चाहिए, क्योंकि वे उसके हकदार हैं। मेरा मानना है कि गांव मजबूत होगा, तभी भाजपा का संगठन भी मजबूत होगा। इनके माध्यम से गांव के जन-जन के दिलों में भाजपा राज करेगी। हम राज्य में स्थायी सरकार दे सकेंगे।
यह सम्मान समारोह 2024 की जीत का बिगुल है: बाबूलाल मरांडी
भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी का कहना है कि जब पंचायत चुनाव हो रहा था, तो लक्ष्य बिल्कुल साफ था कि इस चुनाव में पार्टी का अधिक से अधिक कार्यकर्ता या समर्थक चुनाव जीते। चूंकि यह दलगत चुनाव तो हो नहीं रहा था, फिर भी हमारा यही प्रयास था कि पार्टी के कार्यकर्ता या समर्थक अधिक से अधिक चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लें। त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधि चुनाव में हम लोगों ने पार्टी की तरफ से एक रणनीति बनायी कि सर्वसम्मति से प्रतिनिधि का चयन हो जाये। उसके बाद कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया कि उन प्रतिनिधियों को वे जिताने का प्रयास करें। जब हम लोगों ने प्रयास करना शुरू किया, तब कार्यकर्ताओं को यह निर्देशित भी किया गया था कि वे अपने स्तर से चाहे वह पंचायत समिति हो या मुखिया का पद हो, यह कोशिश करें कि अधिक से अधिक पार्टी के समर्थक प्रत्याशी चुनाव जीतें। भाजपा की पूंजी कार्यकर्ता ही हैं। सभी कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने तरीके से कोशिश की। यह भाजपा कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम का ही सुफल है कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में भाजपा समर्थित पंचायत प्रतिनिधि जीत कर आये। भाजपा ने इतनी फुलप्रूफ रणनीति बनायी थी कि उसकी भनक विरोधी प्रतिद्वंद्वियों को नहीं लगे। भाजपा के एक-एक कार्यकर्ता ने इस रणनीति पर काम किया और वह मुकाम हासिल कर लिया, जिसकी इतने बड़ी अपेक्षा शायद पार्टी ने भी नहीं की थी। दरअसल इस जीत के हकदार कार्यकर्ता ही हैं, इसलिए पार्टी ने यह तय किया कि इन्हें उचित सम्मान मिले। इसीलिए यह सम्मान समारोह आयोजित हो रहा है। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इस सम्मान समारोह को 2024 के चुनाव से भी जोड़ कर देखा जा सकता है। भाजपा हर समय चुनाव के लिए तैयार रहती है। इस समारोह के माध्यम से कार्यकर्ताओं में नयी ऊर्जा का संचार होगा और वे दोगुने उत्साह के साथ गांव में जन-जन तक भाजपा की उपलब्धियों, जनहितकारी कार्यों को पहुंचायेंगे। कुल मिला कर यह सम्मान समारोह उस जीत का बिगुल है, जो 2024 में दिखेगा। उस चुनाव में भाजपा पूरे दमखम के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी और हर सीट पर जीत का परचम फहरायेगी। सम्मान समारोह में शामिल कार्यकर्ता उसका संकल्प लेकर जायेंगे।