आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ की रांची जिला इकाई की बैठक जिला स्कूल परिसर में रविवार को संजय प्रामाणिक की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में सभी प्रखंडों के मनरेगा कर्मी उपस्थित थे। बैठक में अधिकारियों के द्वारा मनरेगा कर्मियों के हो रहे शोषण का विरोध किया गया। मनरेगा कर्मियों ने कहा कि अधिकारियों की ओर से उन्हें गलत काम करने और लक्ष्य पूरा करने के लिए की धमकी जा रही है। कहा जा रहा है कि अगर लक्ष्य पूरा नहीं किया, तो सीधे बर्खास्त किया जा सकता है। संजय प्रमाणिक ने कहा कि गलत होने पर सीधे रोजगार सेवक को ही बलि का बकरा बनाया जाता है। बैठक में मुख्य रूप से प्रदेश अध्यक्ष जॉन पीटर बागे, जिला अध्यक्ष संजय प्रामाणिक, बासंती कुमारी, मो युसुफ, आशिक अंसारी, बजरंग प्रसाद, बीरेंद्र सिंह भोक्ता, मो मुर्तजा, अपराजिता गुप्ता, खुदीराम पातर, दिनेश उरांव और अन्य लोग शामिल थे।
लंबित मांगों पर सरकार को घेरने के लिए रणनीति पर विचार
बैठक में मनरेगा कर्मियों की लंबित मांगों को लेकर आगामी दिनों में सरकार को घेरने की रणनीति पर विचार किया गया। कहा गया कि रांची जिला के सभी मनरेगा कर्मी एकजुट होकर किसी भी शोषण के खिलाफ और अपनी मांगों की पूर्ति के लिए तैयार हैं। संजय प्रमाणिक ने बताया कि मनरेगा कर्मी विगत 16 वर्षों से अपनी सेवा ग्रामीण विकास विभाग के अति महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा में दे रहे हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चुनाव पूर्व घोषणा की थी कि सरकार बनते ही नियमावली में संशोधन कर अनुबंध कर्मियों की सेवा नियमित कर दी जायेगी, पर सरकार के चार वर्ष पूरा होने को है और आज तक यह घोषणा पूरी नहीं हो सकी है।