– हमारा लक्ष्य मध्य प्रदेश को देश के टॉप-3 राज्यों में अग्रणी बनाना: प्रधानमंत्री

उज्जैन। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को ग्वालियर में 19 हजार करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें उज्जैन डीएमआईसी विक्रम उद्योगपुरी क्षेत्र का वर्चुअल लोकार्पण भी शामिल है। विक्रम उद्योगपुरी 1100 एकड़ में विकसित की गई है, जिसमें औद्योगिक प्रयोजन की 417.38 एकड़ में से 364 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है। उद्योगपुरी में 4216 करोड़ का प्रस्तावित निवेश आना है। वर्तमान में दो हजार करोड़ रुपये का निवेश आ चुका है। इससे 11536 रोजगार का सृजन होगा।

प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य है मध्य प्रदेश को देश के टॉप-3 राज्य में अग्रणी बनाएं। मध्य प्रदेश एवं भारत को विकसित एवं अग्रणी बनाने का दायित्व हम सबके कंधों पर है। कोई सरकार एक साल में जितने लोकार्पण एवं शिलान्यास करने की सामर्थ्य रखती है, हमारी सरकार ने वे सब कार्य एक दिन में करके दिखाये हैं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में लाखों गरीबों को आवास दिये गये हैं। हमारी सरकार मोटे अनाज के उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। मोटे अनाज को श्रीअन्न की उपाधि दी गई है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर विकास की गति को और तेजी से आगे बढ़ाएंगे।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मध्य प्रदेश के लिये 19 हजार करोड़ की सौगात लेकर आये हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के अन्न भण्डार भरे हुए हैं। 619 लाख मैट्रिक टन गेहूं का उत्पादन मध्य प्रदेश में हुआ है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार महात्मा गांधी स्वच्छता के लिये जनता को प्रेरित करते थे, उसी तरह प्रधानमंत्री मोदी भी देश की जनता को स्वच्छता का सन्देश देते हैं। इसी स्वच्छता के सन्देश को आत्मसात करते हुए आज मध्य प्रदेश देश में स्वच्छता में नम्बर-1 राज्य बना है।

इसके पूर्व विक्रम उद्योगपुरी उज्जैन में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ.मोहन यादव ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज सारे कार्यों में सबसे सशक्त उद्योगपुरी का लोकार्पण है।

सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि प्रधानमंत्री ने न केवल कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाना है, बल्कि उन्होंने भारत को आत्मनिर्भर बनाया है। पहले कच्चे माल के लिये हम चीन और अमेरिका से निर्भर थे, लेकिन आज हम भारत में ही कच्चे माल का उत्पादन कर रहे हैं। उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क से लेकर टेक्सटाइल इण्डस्ट्री, लिनेन इण्डस्ट्री आई है। उन्होंने कहा कि वे खुद व्यक्तिगत रूप से उद्योगपतियों के सम्पर्क में हैं, जो उज्जैन में उद्योग लगाना चाहते हैं। उन्होंने बताया कि बिड़ला इण्डस्ट्री ने उज्जैन में पांच हजार करोड़ की इण्डस्ट्री लगाने का वचन दिया है। फिरोजिया ने कहा कि 2028 में सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालु मेट्रो से आएंगे।

एमपीआईडीसी के कार्यकारी संचालक राजेश राठौर ने विक्रम उद्योगपुरी के कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विक्रम उद्योगपुरी क्षेत्र में भारत सरकार की रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और औषध विभाग के सहयोग से मेडिकल डिवाइस पार्क भी विकसित किया जा रहा है। वर्तमान में कुल 39 इकाइयों की 363.87 हेक्टेयर भूमि औद्योगिक प्रयोजन हेतु आवंटित की जा चुकी है, जिसमें लगभग 4200 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। यहां पर प्रमुख रूप से पेप्सिको इंडिया, अमूल, आशीर्वाद पाईप्स, सिंबायोटिक लाईफ, कर्नाटक एंटीबायोटिक, यशोदा लिनेन एवं श्रीनिवास फार्मा प्रमुख हैं। इस औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना से बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा। साथ ही उज्जैन में उद्योगों का जाल बिछेगा।

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