गांधीनगर । मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गुरुवार को गांधीनगर में हुई उच्चस्तरीय बैठक में गुजरात सरकार ने केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत राज्य के छात्रों के व्यापक हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। गुजरात के शिक्षा मंत्री कुबेरभाई डिंडोर, शिक्षा राज्य मंत्री प्रफुलभाई पानसेरिया, मुख्य सचिव राज कुमार और मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव के. कैलाशनाथन सहित कई वरिष्ठ सचिवों भी इस बैठक में उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग द्वारा दिए गए प्रेजेंटेशन और उठाए गए मुद्दों के संदर्भ में समीक्षा करते हुए निम्नानुसार निर्णय किए हैः
1. कक्षा 12 विज्ञान संकाय के सभी विषयों की पुनर्परीक्षा जून-जुलाई महीने में आयोजित होगी। कक्षा 12 विज्ञान संकाय में उत्तीर्ण हुए विद्यार्थी यदि अपना परिणाम सुधारना चाहें, तो वे या तो सभी विषयों की दोबारा परीक्षा देकर अपना परिणाम सुधार सकते हैं या फिर वे उन विषयों की भी दोबारा परीक्षा दे सकते हैं जिन विषयों में उनके परिणाम अच्छे नहीं आए हैं। दोनों परीक्षा में से जिस परीक्षा का परिणाम अधिक होगा (बेस्ट ऑफ टू) उसे स्वीकार्य रखा जाएगा।
2. वर्तमान में कक्षा 10 में अनुत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों के लिए दो विषयों की पूरक परीक्षा ली जाती है, लेकिन अब नये निर्णय के अनुसार दो के बजाय तीन विषयों की पूरक परीक्षा ली जाएगी।
3. वर्तमान में कक्षा 12 सामान्य संकाय में अनुत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों के लिए एक विषय की पूरक परीक्षा ली जाती है, लेकिन अब नए निर्णय के अनुसार दो विषयों की पूरक परीक्षा ली जाएगी।
4. कक्षा 10 और कक्षा 12 सामान्य संकाय की बोर्ड परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की वर्तमान संख्या 20 फीसदी को बढ़ाकर 30 फीसदी और वर्णनात्मक प्रश्नों की संख्या 80 फीसदी को घटाकर 70 फीसदी किया जाएगा। इतना ही नहीं, वर्णनात्मक प्रश्नों में आंतरिक विकल्प के बजाय सभी प्रश्नों में सामान्य विकल्प दिए जाएंगे।
5. कक्षा 12 विज्ञान संकाय की बोर्ड परीक्षा में 50 फीसदी एमसीक्यू (ओएमआर) को यथावत रखने तथा 50 फीसदी वर्णनात्मक प्रश्नों में आंतरिक विकल्प के स्थान पर सभी प्रश्नों में सामान्य विकल्प देने का निर्णय भी इस बैठक में किया गया है।
6. इस निर्णय को शैक्षणिक वर्ष 2023-24 से लागू किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने इस संदर्भ में आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए हैं।