कानपुर। पूर्व की सरकारें समाज को बांटने का काम कर रही थीं, लेकिन केंद्र और राज्य की मौजूदा सरकारें बिना भेदभाव से विकास का कार्य कर रही हैं। यह बातें शुक्रवार को भाजपा के अनुसूचित जाति सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद पहली बार समाज से कटे हुए वनटांगिया, चेरू, थारू, मुसहर सहित जन जातियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया गया। पहली बार उन्हें अपना प्रधान चुनने का मौका मिला। इससे पूर्व मतदान करने का अधिकार ही नहीं मिला था। वर्ष 2017 के पहले की सरकार अनुसूचित जाति, गरीब और वंचित लोगों के अधिकारों से वंचित करने का काम करती थी।
योगी ने कानपुर देहात की उस मार्ग दुर्घटना को याद दिलाया जिसमें 35 परिवार उजड़ गये थे। उनके सामने संकट खड़ा हो चुका था। भाजपा सरकार उनके दुख की घड़ी में उनके साथ खड़ी रही है। सरकार ने महर्षि वेदव्यास के नाम से टाउन सिप बनाकर दी, जिसमें वे गरीब परिवार रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि त्रिकाल दर्शी थे, उन्होंने ऐसे ग्रंथ की रचना की थी, जिसके माध्यम से समाज को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया था। वह समरसता के प्रेमी संत थे, उनके अन्दर त्रिकालदर्शी दर्शन था।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने जनपदवासियों को लगभग पांच अरब की योजनाओं की सौगात देते हुए 2.60 अरब के 43 कार्यों का शिलान्यास एवं 2.40 अरब के 152 कार्यों का लोकार्पण किया। इस मौके पर उप्र के विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, उप्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेन्द्र, केन्द्रीय मंत्री भानु प्रताप वर्मा, उप्र सरकार के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, कानपुर बुंदेलखंड के क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, भाजपा के सभी विधायक एवं प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।