जयपुर। राजस्थान में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए इस बार निर्वाचन आयोग ने होम वोटिंग की सुविधा दी है। 80 साल या उससे ज्यादा उम्र और 40 फीसदी से ज्यादा दिव्यांगजन को घर से वोट डालने का ऑप्शन दिया गया है। इसके लिए 20 अक्टूबर से आवेदन करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इन वोटर्स के घर बीएलओ जाएंगे और फॉर्म 12-डी देकर उन्हें घर पर वोट डालने का विकल्प देंगे। चार नवंबर तक फॉर्म भरे जा सकेंगे।

भारत निर्वाचन आयोग से जारी शेड्यूल के मुताबिक 20 अक्टूबर से 4 नवंबर तक बीएलओ उन रजिस्टर्ड मतदाताओं के घर जाएंगे, जो होम वोटिंग के दायरे में आते हैं। यहां वे मतदाताओं को होम वोटिंग की सुविधा के बारे में बताएंगे और उनके सहमत होने पर उनको फॉर्म 12-डी देंगे। ये फॉर्म बीएलओ ही 30 अक्टूबर से 4 नवंबर के बीच जमा करेंगे। फॉर्म जमा करने के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी घर पर वोट डालने वालों की पूरी सूची तैयार करेंगे। इसके बाद इस सूची को राजनीतिक दल और चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों से साझा करेंगे ताकि वोटिंग के समय जो रूट चार्ट बनेगा, उसके अनुसार वे अपने पोलिंग एजेंट को वोटर के यहां भेज सकें।

सूची तैयार करने के बाद पोलिंग पार्टियां 14 से 21 नवंबर तक इन मतदाताओं के घर जाएंगी और वहां उनको बैलेट पेपर देकर वोट डलवाएगी। वोट डालने के बाद मौके पर ही बैलेट पेपर मतपेटी में डलवाया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियो ग्राफी करवाई जाएगी। वोट देने की प्रक्रिया दो चरण में होगी। पहले चरण में 14 से 19 नवंबर तक पोलिंग पार्टियां वोटरों के घर जाएगी। इस बीच कोई वोटर घर पर नहीं मिलता है तो उसके यहां दूसरा राउंड 20 से 21 नवंबर तक लगाया जाएगा।

राजस्थान की 200 विधानसभा की स्थिति देखें तो यहां 18.05 लाख वोटर हैं, जो होम वोटिंग के दायरे में आते है। इसमें करीब 11.78 लाख मतदाता 80 साल या उससे ज्यादा एज ग्रुप के हैं, जबकि शेष 6.27 लाख मतदाता दिव्यांगजन हैं।

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