बागपत। बागपत जनपद में झूठे मुकदमें लिखाकर फैसला करने वालों को चिन्हित किया जाएगा और उन पर कड़ी कारवाई होगी। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने बैठक कर सख्त निर्देश दिये है। यह निर्देश जिलाधिकारी ने अभियोजन कार्य, अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था की मासिक समीक्षा बैठक में दिये है। अब तक पांच ऐसे लोगों पर कारवाई की गयी है।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय की अध्यक्षता में अभियोजन कार्य, अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था की मासिक समीक्षा शनिवार को संपन्न की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देश दिये कि ऐसे मामलों में जहां किसी व्यक्ति को झूठे मुकदमों में फसाया जा रहा है और फिर बाद में मुकदमा में फैसला करना या अपने ब्यानो से मुकरने पर ऐसे वादी मुकदमें के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाए। ताकि भविष्य में भी झूठे मुकदमें ना लिखा सके। कहा कि वादी मुकदमों के द्वारा न्यायालय में अपनी बात से मुकरने व फैसला करने पर अभियोजन की तरफ से न्यायालय में याचक व पैरवी करते हुए न्यायालय ने 5 केसों के वादी के खिलाफ धारा 22 पोक्सो एक्ट के अंतर्गत मुकदमें दर्ज किए गए है जिसमें वादी को 22 पोक्सो एक्ट में अधिकतम 50000 रूपये का जुर्माना व सजा का प्रावधान है जिसके क्रम में जनपद बागपत के अपर जिला सत्र एवं न्यायालय स्पेशल कोर्ट बागपत में पांच मामले दर्ज किए गए हैं ।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व पंकज वर्मा, संयुक्त निदेशक अभियोजन शिवप्रसाद, दिनेश शर्मा राजीव तोमर रविकांत शर्मा सहित आदि उपस्थित रहे।