रांची। झारखंड हाइकोर्ट में अब जेएसएससी सीजीएल परीक्षा मामला पहुंच गया है। परीक्षा के बाद से छात्र जेएसएससी सीजीएल में अनियमितता का आरोप लगा रहे हैं। छात्र आंदोलन समेत अन्य माध्यम से संबधित स्तर तक अपनी आपत्ति दर्ज करा चुके हैं। वहीं, परीक्षा के 18 दिनों बाद अब यह पूरा मामला हाइकोर्ट जा पहुंचा हैं। दरअसल इस पूरे मामले पर परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी प्रकाश कुमार ने हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने एक जनहित याचिका दायर की है, जिसके माध्यम से परीक्षा रद्द, सीबीआइ अथवा हाइकोर्ट के रिटायर्ड जजों के पैंनल से जांच को लेकर याचिका दायर की गयी है। प्रार्थी ने अपनी याचिका में राज्य सरकार की ओर से आयोजित जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में अनियमितता और पुख्ता साक्ष्य होने की भी बात कही है।
क्या हैं पूरा मामला..
झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा ली थी। परीक्षा खत्म होने के बाद से ही धांधली, भ्रष्टाचार और गड़बड़ी के आरोप लगने शुरू हो गये थे। परीक्षार्थियों का कहना है कि पेपर लीक कर दिया गया है। 22 सितंबर को प्रथम पाली की परीक्षा शुरू होने के पहले ही प्रश्नों का उत्तर कई अभ्यर्थियों के पास उपलब्ध था, जिससे भर्ती प्रक्रिया में बड़े स्तर पर धांधली हुई है। पेपर लीक के अलावा कई अभ्यर्थियों ने पिछली परीक्षाओं के सवालों के दोबारा परीक्षा में पूछे जाने पर भी गुस्सा जाहिर किया। इन तमाम आरोपों के बीच सोशल मीडिया पर अभ्यर्थी का लगातार विरोध जाहिर है।
जेएसएससी अध्यक्ष ने दी थी सफाई..
जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में गड़बड़ी मामले पर जेएसएससी अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि परीक्षा में कुल 6,39,100 वैध आवेदन प्राप्त हुए थे। पूरे प्रदेश में 823 परीक्षा केंद्रों पर 10,917 कक्षों में एग्जाम लिया गया है।
परीक्षा के मद्देनजर 12 प्रश्न पत्रों का गुच्छा तैयार कर सभी को एनवेलप में सील किया गया था, जिसको मेटल लॉक के जरिये सुरक्षित रखा गया था। इसके साथ ही स्ट्रॉन्ग रूम में सीसीटीवी कैमरे लगाये गये थे। वहीं, दंडाधिकारी की नियुक्ति की गयी थी।