रांची। संथालपरगना में बांग्लादेशी घुसपैठ से संबंधित जनहित याचिका पर हाई कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल आॅफ इंडिया तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया संभालपरगना में बांग्लादेशी घुसपैठ हुई है या नहीं इसे लेकर फैक्ट फाइंडिंग कमेटी गठित करने के हाई कोर्ट के 20 सितंबर के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट गई है। सुप्रीम कोर्ट में राज्य सरकार ने एसएलपी दाखिल की है। इसलिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आने के बाद सुनवाई की जाये। हाई कोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार दोनों के संयुक्त आग्रह को देखते हुए मामले की अगली सुनवाई 13 नवंबर निर्धारित की है। खंडपीठ को यह भी बताया गया की 30 तारीख को झारखंड के मुख्य सचिव एवं केंद्रीय गृह सचिव के बीच बैठक हुई थी, जिसमें फैक्ट फाइंडिंग कमेटी को लेकर सहमति नहीं बनी। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन ने पक्ष रखा। पिछली सुनवाई में हाई कोर्ट में राज्य सरकार की ओर से वर्चुअल रूप से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के वरीय अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा था कि केंद्र सरकार ने बांग्लादेश की घुसपैठियों के झारखंड में प्रवेश के संबंध में कोई डाटा अपने शपथ पत्र में नहीं दिया है. उनकी ओर से यह भी कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट में इसी तरह का एक मामला पेंडिंग है।