बनापीड़ी, जाड़ी और हुरहुरु में 12 साल पहले बनाये गये थे भवन
प्रत्येक भवन पर 22 लाख रुपये की लागत आयी थी
उद्घाटन के इंतजार में खंडहर बन गयी तीनों इमारतें
मो एजाज
रातू। राजधानी के बाहरी इलाके में स्थित रातू प्रखंड की तीन पंचायतों में बने उप स्वास्थ्य केंद्र के भवन बेकार हो गये हैं। ये भवन बनापीड़ी,जाड़ीऔर हुरहुरी में 2013-14 में बनाये गये थे। इनमें से प्रत्येक पर 22 लाख रुपये खर्च हुए थे। ये भवन अब खंडहर हो गये हैं। इन पंचायतों में आनेवाले डॉक्टर और पारा मेडिकल कर्मी धुमकुड़िया भवन में मरीजों का इलाज करते हैं।

वर्ष 2013-14 में बने थे भवन
इन तीनों इमारतों का निर्माण जिला परिषद की तरफ से 2013-14 में कराया गया था। भवन का निर्माण हो गया और उन्हें विभाग को हैंडओवर भी कर दिया गया, लेकिन आज तक इनका ताला नहीं खोला गया है। पहले कहा जाता था कि इन भवनों का उद्घाटन होगा, लेकिन कुछ नहीं हुआ। बंद पड़े भवन में अब नशेड़ियों और जुआरियों का जमावड़ा लगता है।

घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया
इन तीनों इमारतों की जर्जर हालत से साफ पता चलता है कि इनके निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इसलिए महज 12 साल में इनकी दीवारें ढहने लगी हैं। इमारतों के अधिकांश हिस्से में बड़ी-बड़ी दरारें देखी जा सकती हैं।

उप स्वास्थ्य केंद्र की जानकारी नही: सीएचसी प्रभारी
रातू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ सुजीत कश्यप ने बताया कि रातू, हुरहुरी और जाड़ी में बने उप स्वास्थ्य केंद्र की उन्हें कोई जानकारी नही है। उन्हें यह भी पता नहीं है कि तीन भवन बनाये गये और उन्हें विभाग ने हैंडओवर लिया। उन्होंने बताया कि हुरहुरी में उप स्वास्थ्य केंद्र नहीं होने के कारण एक छोटे से धुमकुड़िया भवन में केंद्र संचालित करना पड़ रहा है, जबकि वहां पंचायत भवन के सामने ही उप स्वास्थ्य केंद्र का भवन है।

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