राज्य उपभोक्त आयोग और जिला उपभोक्ता फोरम में मूलभूत सुविधा को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाइकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने सरकार को इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है.

पूर्व में कोर्ट ने राज्य सरकार को राज्य उपभोक्ता आयोग सहित सभी जिला उपभोक्ता फोरमों में मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने का आदेश दिया था. प्रार्थी की ओर से कोर्ट को जानकारी दी गयी कि अब तक पूरी सुविधा उपलब्ध नहीं करायी गयी है. मामले की अगली सुनवाई जनवरी माह में होगी.

राज्य के वन अभ्यारण्यों को इको सेंसिटिव जोन घोषित किये जाने को लेकर दायर जनहित याचिका पर भी हाइकोर्ट में सुनवाई हुई. कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया. साथ ही केन्द्र सरकार को भेजे जाने वाली प्रस्ताव में देरी के लिए कौन जवाबदेह है,  इस पर रिपोर्ट पेश करने को कहा है.  कोर्ट ने मुख्य सचिव को कहा है कि मामले की जांच वन सचिव से कराकर वे खुद जांच रिपोर्ट पेश करें.कोर्ट ने राज्य सरकार के द्वारा गलत रिपोर्ट पेश करने पर कड़ी नाराजगी जताई. बता दें कि प्रस्ताव को केन्द्र सरकार को भेजने में सात माह की देरी हो गयी थी. इस मामले में केन्द्र की ओर कोर्ट में शपथपत्र पेश किया गया.

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