Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Sunday, August 23
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»विशेष»आय बनाम खुशहाली
    विशेष

    आय बनाम खुशहाली

    आजाद सिपाहीBy आजाद सिपाहीNovember 21, 2017No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    इस बार खुश हो लेने में हर्ज इसलिए नहीं है कि आर्थिकी के लिए एक अच्छी खबर आई है। खुशखबरी यह है कि अब भारत में प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है। यानी प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में इजाफा हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में बताया है कि निजी आय के साथ भारत में अब प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ रही है और इसमें भारत अब एक सौ छब्बीसवें नंबर पर आ गया है। रिपोर्ट आने से पहले तक हम एक पायदान नीचे यानी एक सौ सत्ताइसवें स्थान पर थे। यह राहत की बात इसलिए भी लग सकती है कि हाल में विदेशी रेटिंग एजंसियों ने आर्थिकी के मामले में भारत की रेटिंग सुधारी है। अरसे बाद मूडीज ने यह कहते हुए भारत की रेटिंग में मामूली इजाफा किया कि आर्थिक और संस्थागत सुधार भारत की अर्थव्यवस्था के सही दिशा में जाने के संकेत दे रहे हैं। लेकिन साथ ही उसने अर्थव्यवस्था के सबसे जटिल पहलू- राजकोषीय कोषीय घाटे के बढ़ने की ओर भी इशारा किया।

    आय बढ़ने की उत्साहवर्धक बात कहने वाली आइएमएफ की यह रिपोर्ट इस साल अक्तूबर महीने में खरीद क्षमता पर आधारित है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में प्रति व्यक्ति आय पिछले साल 6690 डॉलर थी जो इस बार 7170 डॉलर हो गई। यानी दस फीसद का इजाफा। इससे पहले क्रेडिट सुइस ने अमीरी के आंकड़े जारी करते हुए बताया था कि भारत में करोड़पतियों की तादाद दो लाख पैंतालीस हजार है। प्रति व्यक्ति आय में बढ़ोतरी के आंकड़े में इन करोड़पतियों की बढ़ी आमदनी का हिसाब कैसे दर्ज होता है? दुनिया में हमें अपनी गरीबी-अमीरी या कंगाली-खुशहाली की हैसियत विदेशी एजंसियों और वित्तीय संस्थानों के आंकड़ों से ही पता चलती है। पर असल में भारत की स्थिति क्या है, इस पर नजर डालें तो हकीकत का पता चलता है। अगले दो दशक में दुनिया की बड़ी आर्थिक ताकत बनने का दावा करने वाला भारत प्रति व्यक्ति आय के मामले में श्रीलंका से भी पीछे है। यही नहीं, जिस ब्रिक्स समुदाय (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) में हम अपने को सबसे वजनदार बताते रहे हैं, उसमें भी प्रति व्यक्ति आय के मामले में सबसे पीछे हैं। आइएमएफ की ताजा राय अर्थशास्त्र के लिहाज से तो सही लग सकती है, पर हकीकत इसके उलट है।

    मोटे तौर पर प्रति व्यक्ति आय बढ़ने का सीधा मतलब यह होना चाहिए कि देश के हर नागरिक की आमदनी बढ़ी है और उस तक उसका हिस्सा और लाभ भी पहुंचे। आमदनी बढ़ने की इस कोरी आंकड़ेबाजी से यह गंभीर सवाल उठता है कि अगर प्रति व्यक्ति आय बढ़ रही है तो फिर देश की बड़ी आबादी क्यों आज भी बुनियादी जरूरतों-सुविधाओं से वंचित है! भोजन, शिक्षा और चिकित्सा की सुविधाएं आज भी चौपट हालत में हैं। मसलन, भारत टीबी की बीमारी से निपट पाने में नाकाम साबित हुआ है। चीन और श्रीलंका जैसे देशों के मुकाबले भारत में टीबी का बोझ दस गुना ज्यादा है। दुनिया में टीबी के कुल मरीजों में 24 फीसद भारत में हैं। डेंगू, जापानी बुखार और मलेरिया जैसी बीमारियां हर साल बड़ी संख्या में जान ले लेती हैं। जबकि श्रीलंका भारत की तुलना में बहुत छोटा-सा देश है, लेकिन उसने अपने यहां से डेंगू का खात्मा कर डाला। भले श्रीलंका या ऐसे दूसरे छोटे देश अमीरी के पैमाने पर न गिने जाएं, पर अपने नागरिकों के लिए उत्तम स्वास्थ्य उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि है। ऐसे में भारत की प्रति व्यक्ति आय बढ़ने की बात खुश तो कर सकती है, पर लोगों को खुशहाल कैसे रखा जाएगा, यह सोचने वाली बात है।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleनए प्रकार का भ्रष्टाचार
    Next Article मुख्यमंत्री ने जमशेदपुर में की घोषणा – सिदगोड़ा में बनेगी महिला यूनिवर्सिटी
    आजाद सिपाही
    • Website
    • Facebook

    Related Posts

    डॉ प्रदीप वर्मा बने को मिली झारखंड से संसद तक सक्रिय भूमिका की नयी जिम्मेदारी

    August 18, 2026

    परिमल नथवाणी और झारखंड: एक अटूट और आत्मीय रिश्ता कर्मभूमि से

    July 15, 2026

    राम मंदिर चढ़ावा चोरी का असर भविष्य की राजनीति पर गहरा पड़ेगा

    June 30, 2026
    Add A Comment

    Comments are closed.

    Recent Posts
    • विदेशों में रह रहे नेपाली नागरिकों को मिलेगा मतदान का अधिकार? सरकार ने शुरू की तैयारी
    • नेपाल में मानसून फिर हुआ सक्रिय: कई जिलों में भारी बारिश और हिमपात का अलर्ट
    • बिहार के चंपारण में बड़ा हादसा, सड़क पर ऑर्केस्ट्रा देख रहे लोगों को बस ने रौंदा, 5 की दर्दनाक मौत
    • गिद्दी में पुलिस और राहुल दुबे गिरोह के बीच मुठभेड़, दो अपराधियों के पैर में लगी गोली
    • रामगढ़ के पावर प्लांट में भीषण ब्लास्ट, तीन इंजीनियरों की मौत; एक गंभीर
    Read ePaper

    City Edition

    Follow up on twitter
    Tweets by azad_sipahi
    Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

    Palamu Division

    • Garhwa
    • Palamu
    • Latehar

    Kolhan Division

    • West Singhbhum
    • East Singhbhum
    • Seraikela Kharsawan

    North Chotanagpur Division

    • Chatra
    • Hazaribag
    • Giridih
    • Koderma
    • Dhanbad
    • Bokaro
    • Ramgarh

    South Chotanagpur Division

    • Ranchi
    • Lohardaga
    • Gumla
    • Simdega
    • Khunti

    Santhal Pargana Division

    • Deoghar
    • Jamtara
    • Dumka
    • Godda
    • Pakur
    • Sahebganj

    Subscribe to Updates

    Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

    © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
    • Privacy Policy
    • Terms
    • Accessibility

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Go to mobile version