झारखंड की राजधानी रांची से दिल्ली नौकरी दिलाने के नाम पर ले जाई गईं 11 बच्चियों को एक एनजीओ के माध्यम से बुधवार को रांची लाया गया है.
इनमें सभी बच्चियां नाबालिग हैं. बता दें कि मानव तस्करी की शिकार ये सभी बच्चियां झारखंड के अलग-अलग जिलों की हैं. मामले में ज्यादा जानकारी देते हुए बाल कल्याण समिति की सदस्य मीरा मिश्रा ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 11.30 बजे गरीब रथ एक्सप्रेस से इन बच्चियों को रांची लाया गया है.
फिलहाल, सभी बच्चियां बाल कल्याण समिति के पास सुरक्षित हैं. मीरा मिश्रा ने कहा कि बच्चियों से पूछताछ कर उनके घर का पता लगाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि कार्रवाई होने तक सभी बच्चियों को प्रेमाश्रय में रखा जाएगा.बाल कल्याण समिति की सदस्य मीरा मिश्रा ने कहा कि माई होम इंडिया नामक एनजीओ द्वारा इन सभी 11 बच्चियों को बाल मजदूरी के चंगुल से छुड़ाकर रांची लाया गया है.उन्होंने कहा कि यह एनजीओ ट्रैफिकिंग की गई बच्चियों को वापस घर तक पहुंचाने का काम करती है. बहरहाल, लाई गई बच्चियां झारखंड के विभिन्न जिलों चाईबासा, सिमडेगा, खूंटी और गुमला की रहने वाली हैं.
वहीं रांची वापस लाई गईं बच्चियों का कहना है कि उन्हें काम का लालच देकर दिल्ली ले जाया गया था, जहां उनसे घर की साफ-सफाई और झाड़ू-पोछा लगवाया जाता था. बहरहाल, अब वो अपने घर जाना चाहती हैं.