काहिराः मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी ने शुक्रवार को सिनाई प्रायद्वीप की एक मस्जिद पर हुए बर्बर हमले का बदला लेने की प्रतिबद्धता जताई है। मिस्र के उत्तरी सिनाई क्षेत्र में शुक्रवार को एक मस्जिद में हुए हमले में 270 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 300 अन्य लोग घायल हो गए थे। इसे देश (मिस्र) के नागरिकों पर हुए सबसे भयावह हमलों में से एक बताया जा रहा है। राष्ट्रपति ने आतंकी हमले का बदले लेने के ऐलान के बाद से ही देशभर में शोक की लहर के बीच जगह-जगह संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। जिसके बाद से चारों ओर अफरा-तफरी और दहशत का माहौल है। विपक्षी पार्टियों द्वारा सेना और पुलिस द्वारा इस मौके पर निर्दोषों से बदला लेने का भी आरोप लगाया है।

समाचार एजेंसी एफे के मुताबिक, अब्देल फतह अल सीसी ने टेलीविजन संबोधन में कहा कि यह देश के इतिहास में अब तक का सबसे भयावह आतंकवादी हमला है।

अल सीसी ने कहा कि मिस्र के सुरक्षाबल इन मौतों का बदला लेंगे, क्षेत्र में स्थिरता बहाल करेंगे और इन आतंकवादी हमलों का मुंहतोड़ जवाब देंगे। उन्होंने कहा, “यह आतंकवाद से निपटने के लिए किए जा रहे हमारे प्रयत्नों को रोकने का प्रयास था। यह हमारी इच्छाशक्ति को खत्म करने का प्रयास था।” उन्होंने कहा, “हम अपने प्रयास जारी रखेंगे। जैसा कि मैंने कहा, इस हमले से हमारी प्रतिबद्धता बढ़ेगी। हमारी सेना और पुलिस शहीदों की मौत का बदला लेंगे और अगले कुछ दिनों में स्थिरता और सुरक्षा की बहाली करेंगे।”

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मिस्र के उत्तरी सिनाई क्षेत्र में शुक्रवार को एक मस्जिद में हुए हमले में 270 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 300 अन्य लोग घायल हो गए थे। इसे देश (मिस्र) के नागरिकों पर हुए सबसे भयावह हमलों में से एक बताया जा रहा है। राष्ट्रपति ने देश में तीन दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है। अभी तक किसी भी आतंकवादी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

सोनिया ने मिस्र में हुए आतंकवादी हमले की निंदा की
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मिस्र की मस्जिद में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए शनिवार को कहा कि आतंकवाद का खतरा एक विकट चुनौती बना हुआ है, जिसके लिए वैश्विक समुदाय को एकजुट होकर सख्त कदम उठाने की जरूरत है। सोनिया ने एक बयान में कहा, “यह भयावह हमला आतंकवादी ताकतों का एक और भयावह रूप है। यह हमला नमाज स्थल पर हुआ, जिसमें सैकड़ों निर्दोष नमाजियों की जान गई, जो इस मूर्खतापूर्ण कृत्य को और भी दुखद बनाता है।”

सोनिया ने निर्दोष नागरिकों के खिलाफ बर्बर आतंकवादी हमले को अस्वीकार्य कृत्य बताया। उन्होंने कहा, “आतंकवाद मानवता के खिलाफ अपराध है, जो किसी भी तरह तर्कसंगत नहीं हो सकता और इस तरह के बर्बर कृत्य हर धर्म के सिद्धांतों के खिलाफ हैं।” उन्होंने कहा, “यह कायराना हमला याद दिलाता है कि आतंकवाद का खतरा एक विकट चुनौती बना हुआ है, जिससे निपटने के लिए वैश्विक समुदाय के ठोस और सतत प्रयासों की जरूरत है।”

सूत्रों ने बताया कि अलआरिश शहर के अल रौदा मस्जिद के समीप यह बम रखा गया था जो नमाज के दौरान फट गया। समाचार एजेंसी एमईएनए के अनुसार, चार वाहनों में सवार बंदूकधारियों ने मौके से भागने से कोशिश कर रहे लोगों पर गोलियां भी चलाईं। ‘अहराम ऑनलाइन’ के अनुसार, कम से कम 270 नमाजियों की मौत हो गई और 109 अन्य घायल हो गए।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले पर शोक जताने के लिए राष्ट्रपति अब्दुल फतेह अल-सीसी से फोन पर बात की और कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ”बर्बर आतंकवादी” समूहों को बर्दाश्त नहीं करेगा। दोनों नेताओं की फोन पर हुई बातचीत के बाद व्हाइट हाउस ने कहा, ”अंतरराष्ट्रीय समुदाय बर्बर आतंकवादी समूहों को बर्दाश्त नहीं कर सकता है और उसे आतंकवाद और चरमपंथ को उसके सभी स्वरूपों में हराने के अपने प्रयास तेज करने चाहिए।” बातचीत के दौरान ट्रंप ने मिस्र हमले में मारे गये लोगों के प्रति शोक प्रकट किया।
व्हाइट हाउस के अनुसार, ”ट्रंप ने हमले की निंदा की और दुहराया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका हमेशा मिस्र के साथ खड़ा रहेगा।” कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन त्रुदु ने एक बयान में कहा कि वह आतंकवादी हमले से ”सकते और सदमे में हैं।’

उन्होंने कहा, ”कनाडा के सभी लोगों, सोफी और अपनी ओर से मैं आज के हमला पीड़ितों के मित्रों और परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। हम सभी घायलों के जल्दी और पूर्ण रूप से स्वस्थ होने की कामना करते हैं।” संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् ने भी इस ”बर्बर और कायराना आतंकवादी हमले” की निंदा करते हुए अपने बयान में कहा है कि ऐसा करने वालों को और इससे किसी भी रूप में जुड़े लोगों को न्याय की जद में लाया जाना चाहिए।

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