रांची: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने रविवार को राजधानी रांची की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर नगर निगम कार्यालय में समीक्षा बैठक की. बैठक में उन्होंने कहा कि रांची की सड़कों पर कदम-कदम पर डिवाइडर में कट है. इस कारण यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गयी है. ट्रैफिक दुरुस्त करने के लिए कुछ कट्स को बंद किये जा रहे हैं. उन्होंने अपील की है कि लोग सरकार को सहयोग करें. थोड़ा चलना भी पड़े, तो चलें.
आखिर हम आपकी बेहतरी के लिए कदम उठा रहे हैं. बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा, यातायात नियमों का उल्लंघन करने के बाद नेतागीरी करनेवालों को जेल भेजें. ऐसे लोगों पर किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाये. चाहे कोई कितना बड़ा आदमी ही क्यों नहीं हो. किसी की पैरवी नहीं सुनी जाये. राित्र बाजार लगायें.
उन्होंने कहा : मोरहाबादी मैदान को टाइम्स स्क्वायर की तरह डेवलप किया जाना है, इस कारण एक सप्ताह के बाद इस इलाके में किसी भी प्रकार के वाहन के प्रवेश पर रोक लगा दी जायेगी.
नियम तोड़नेवालों की मॉनीटरिंग होगी : उन्होंने कहा : यातायात नियमों का कोई उल्लंघन नहीं करे, इसके लिए शहर की प्रमुख सड़कों पर 20 करोड़ की लागत से हाई डेफिनेशन सीसीटीवी कैमरे लगाये जायेंगे. इससे नियम तोड़नेवालों की मॉनीटरिंग की जायेगी. अगर कोई नियम तोड़ कर निकल जाता है, तो उसके घर पर नोटिस भेजा जायेगा. बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से सभी खाली जगहों को लेकर रिपोर्ट मांगी. कहा, ऐसी जगहों को मैदान के रूप में विकसित किया जायेगा. इन जगहों पर अगर कोई अतिक्रमण है, तो तत्काल हटाया जायेगा. बैठक में उन्होंने कहा : ऐसा देखा जा रहा है कि अधिकतर दुकानदार अपनी दुकानों के बाहर कार व बाइक खड़ी करते हैं. नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि ऐसे लोगों को पहले नोटिस देकर सुधरने का मौका दें. अगर नहीं मानते, तो वाहन को जब्त कर लें. दुकानदार पर केस भी करें. उन्होंने नगर आयुक्त को कहा कि रात को शहर में घूम कर ट्रैफिक सुधार को लेकर रिपोर्ट तैयार करें. शहर को जाम मुक्त करने के लिए रात्रि बाजार बेहतर विकल्प है. इससे फुटपाथ दुकानदारों को स्थायी ठिकाना मिलेगा और यातायात व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी. इस कारण रात्रि बाजार भी शुरू करें.
सड़कों पर बाजार को लेकर नाराजगी : मुख्यमंत्री ने बैठक में सड़कों पर लगनेवाले बाजार पर भी नाराजगी जतायी. कहा : सड़क चलने के लिए होती है न कि बाजार लगाने के लिए नहीं. शहर में जहां कहीं भी सड़क पर बाजार लगा दिखे, तो मजिस्ट्रेट भेज कर जगहों को खाली कराया जाये. आवश्यकता पड़ने पर बल का प्रयोग भी करें. नगर आयुक्त को इसके लिए जितनी फोर्स की आवश्यकता होगी, उपलब्ध करायी जायेगी.
बैठक में थे : नगर विकास मंत्री सीपी सिंह, मेयर आशा लकड़ा, सांसद महेश पोद्दार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार, नगर विकास सचिव अरुण कुमार सिंह, नगर आयुक्त शांतनु अग्रहरि, उपायुक्त मनोज कुमार, एसएसपी कुलदीप द्विवेदी, ट्रैफिक एसपी संजय रंजन आदि मौजूद थे.
अभी दुरुस्त नहीं, तो लोग कीड़े-मकौड़े की तरह जिंदगी गुजारेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा : राजधानी की यातायात व्यवस्था नरक बन गयी है. राज्य का मुखिया होने के नाते पीड़ा होती है. लगता है कि इस राज्य में बाहर से अानेवाले क्या छवि लेकर जाते होंगे. इसे अभी दुरुस्त नहीं किया गया, तो लोग कीड़े-मकौड़े की तरह जिंदगी गुजारेंगे. सरकार सुधार करने में लगी हुई है. कुछ कड़े कदम उठाये गये हैं. एक सप्ताह में व्यवस्था को पटरी पर ले आयेंगे. शुरुआत में अभी लोगों को कुछ परेशानी हो रही है, लेकिन बाद में इससे लोग राहत की सांस लेंगे.