खबर लिखने से नाराज ठेकेदार के कहने पर हुई हत्या
चतरा। चतरा पुलिस ने पत्रकार चंदन तिवारी हत्याकांड का उद्भेदन कर लिया है। इस घटना को अंजाम देने वाले दो हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों हत्यारे नक्सली संगठन टीपीसी से संबंधित बताये जा रहे हैं। इस मामले में एक आरोपी अभी तक फरार है। फरार अपराधी ठेकेदार बताया जाता है, जिसने हत्या करायी है।

बदले की नीयत से की गयी हत्या
पुलिस ने बताया कि तालाब निर्माण की खबर प्रकाशित करने के बाद बदले की नीयत से चंदन की हत्या की गयी। इस मामले को लेकर एसपी अखिलेश वी वारियर ने कहा कि हत्या के दिन से ही पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही थी। बता दें कि पत्रकार चंदन तिवारी की सिमरिया थाना क्षेत्र के बलथरवा गांव इलाके पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी गयी थी। वह पत्थलगड्डा थाना क्षेत्र के दूंबी गांव के रहने वाले थे। हत्यारों की निशानदेही पर शहीद चंदन का चप्पल एव लाठी और चश्मा ने पुलिस जप्त किया। हत्या के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए 8 लोगों को गिरफ्तार किया, जिसमें टीपीसी के मुसाफिर राणा, जामुन राम सहित अन्य शामिल था। पूछताछ के बाद मुसाफिर राणा और जमुना राम को हिरासत में रख कर पुलिस ने बाकी को छोड़ दिया।

इटखोरी पत्रकार संघ ने राज्यपाल के नाम बीडीओ को ज्ञापन सौंपा
गुरुवार को प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में पथलगड्डा के दैनिक आज के दिवंगत पत्रकार चंदन तिवारी की हत्या के विरोध में इटखोरी तथा मयूरहंड के पत्रकारों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी उतम प्रसाद को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में पिड़ित परिवार को 20 लाख रुपये की मुआवजे पीड़ित परिवार को नौकरी तथा हत्यारे को फांसी की सजा समेत अन्य मांग किया है। इस मौके पर पत्रकारों ने कहा कि एक के बाद एक पत्रकार की हत्या हो रही है। पर सरकार अब तक गंभीर नही है। पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की है।

मौके पर ये पत्रकार रहे उपस्थित
मौके पर पत्रकार रामदेव केसरी, संजय शर्मा, विजय शर्मा, अशोक कुमार पांडेय, संतोष केशरी, अनुज पांडेय, अजय चौरसिया, रणधीर सिंह, रविभूषण सिन्हा, बिजेश सिन्हा, प्रवीण सिंह मयूरहंड से नरेश राणा और पिन्टु राणा मुख्य रूप से उपस्थित थे।

पत्रकारों ने शोक व्यक्त किया
दिवंगत पत्रकार चंदन तिवारी के हत्या के विरोध में उनके आत्मा के शांति को लेकर पत्रकारों ने शोक मनाया। शोक सभा आयोजन कर सभी ने दो मिनट का शोक रखा।

इस कारण हुई हत्या: जानकारी के अनुसार पिंटू सिंह ने मनरेगा के तहत आहार निर्माण कराने के कार्य लिया था। उसने जेसीबी मशीन से आहार का निर्माण कराया था। गांव के गरीब मजदूर किसान को रोजगार नहीं मिलने के कारण अखबार नवीस चंदन तिवारी को लोगो ने जानकारी दी। इस खबर को प्रमुखता से चंदन तिवारी ने प्रकाशित किया। उसी के बाद से पिंटू सिंह चंदन तिवारी से नाराज था। समाचार छपने के बाद बीडीओ द्वारा मामले की जांच की गयी। इसमें खबर की पुष्टि की गयी कि कार्य जेसीबी मशीन से हुआ है। इस कारण बीडीओ ने आहार निर्माण की राशि में मात्र 74000 का ही भुगतान किया, जिसके कारण पिंटू सिंह का चार लाख का नुकसान हो गया था। इसके बाद उसने पत्रकार चंदन की हत्या की सुपारी दे दी।

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