भोजन और दस हजार वेतन का दिया जाता था प्रलोभन
गिरिडीह। गिरिडीह में युवाओं को आतंकी ट्रेनिंग देनेवाले संगठन का खुलासा हुआ है। इस संदिग्ध आतंकी संगठन के लोग भटके हुए युवाओं को आतंक का पाठ पढ़ा रहे थे। इसका खुलासा समुदाय विशेष के लोगों ने पुलिस के समक्ष दिये बयान में किया है। इन लोगों ने ऐसे तीन संदिग्ध युवकों के खिलाफ थाने में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि ये समाज के नवयुवकों को गुमराह कर आतंकी बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। उनके बयान के आधार पर पुलिस ने तीन संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है। स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि दूसरे प्रदेश से आये प्रशिक्षित युवक यहां आतंकी संगठन में शामिल होने के लिए युवाओं की तलाश कर रहे हैं। एसपी सुरेंद्र कुमार झा ने बताया कि तीनों संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
स्थानीय लोगों ने तीनों संदिग्धों को किया पुलिस के हवाले
समुदाय विशेष के लोगों ने कोलकाता के हुगली के रहने वाले मो सूरजमीत, मुर्शिदाबाद के मो यूसुफ और गोड्डा जिले के मो अमजद को शहर के शकीना होटल से पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस भी हरकत में आ गयी है। तीनों युवकों से गहन पूछताछ की जा रही है। समाज के लोगों ने कथित शकील बिन हनीफ नामक संस्था में युवाओं को बरगला कर शामिल करने का आरोप लगाया।
भारत को सबक सिखाने की बात कह रहे थे संदिग्ध: नगर थाना क्षेत्र के बुलाकी रोड निवासी हमाद अख्तर ने नगर थाना में आवेदन देकर इस मामले में शिकायत की है। आवेदन में कहा है कि बुधवार सुबह 6 बजे गिरिडीह जिले के बाहर के पांच युवक बुलाकी रोड में नौजवान लड़कों को देश विरोधी गतिविधि में शामिल होने के लिए बरगला रहे थे। इसमें उसे शामिल होने को कह रहे थे। उनका कहना था कि संस्था का सदस्य बनो तुम्हें दस हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। खाना पीना फ्री में दिया जायेगा। जब उनसे पूछा कि काम क्या करना होगा, तो जवाब मिला भारत को सबक सिखाना है।