रांची। महापर्व छठ में 4 दिन शेष है। लेकिन, शहर के प्रमुख छठ तालाबों की अभी भी पूरी तरह सफाई नहीं हुई है। जबकि, दीपावली से पूर्व ही शहर के तालाबों और डैमों का निरीक्षण मेयर, डिप्टी मेयर और नगर आयुक्त सहित निगम की टीम कर चुकी है। इसके बाद भी तालाब में उगी घास और जलकुंभी पूरी तरह से नहीं हटाए गए। छठ को लेकर तालाब के पानी की गहराई को चिन्हित कर डेंजर जोन मानते हुए रेड रिबन से घेराबंदी की जानी है, लेकिन यह काम भी नहीं हो पाया।

जनता भी गैर जिम्मेदार तालाबों में फेंक रहे हैं सामग्रियां
दुर्गा पूजा के दौरान तालाबों के किनारे बनाए गए विसर्जन कुंड और पूजन सामग्री कुंड अधिकतर तालाबों से गायब हो गए। इसे नए सिरे से अब तक नहीं लगाया गया। हालांकि, कई घाटों पर निगम की ओर से पूजन सामग्री कुंड बनाया गया है, ताकि पानी में लोग सामग्री न फेंके, लेकिन अधिकतर लोग कुंड में सामग्री फेंकने की बजाय सीधे पानी में फेंक दे रहे हैं।

घाटों पर अपना निशान लगाने वालों पर भी नहीं हुई कार्रवाई
तालाबों के घाट को रिजर्व करने के लिए पेंट से अपना नाम व निशान बनाने वालों पर किसी प्रकार की कार्रवाई निगम नहीं कर रहा है। जबकि, 26 अक्टूबर को निरीक्षण के दौरान मेयर व नगर आयुक्त ने तेतर टोली तालाब के घाट पर नाम लिखने वाले एक व्यक्ति को रोक दिया था। तब, मेयर न घाट गंदा नहीं करने की अपील लोगों से की थी। वहीं, नगर आयुक्त ने घाट पर रंग-पेंट से नाम लिखने वालों से दो हजार रुपए जुर्माना वसूले जाने की बात कही थी। लेकिन, निगम की कार्रवाई का डर किसी को नहीं है। तेतर टोली तालाब सहित शहर के सभी तालाबों के घाटो को लोग रंग-पेंट से नाम लिख कर रिजर्व कर रहे हैं।

स्वच्छता पर सवाल विसर्जन कुंड व पूजन सामग्री कुंड तालाबों से गायब
बड़ा तालाब: औघड़ बाबा आश्रम के सामने बने घाट तालाब के जीर्णाद्धार के कारण खत्म हो गए हैं। निगम ने मिट्टी डाल कर अस्थाई घाट बनाया है। लेकिन, यहां डेंजर जोन चिह्नित करने का काम अब तक नहीं हुआ। इस घाट पर निगम ने पूजन सामग्री डालने के लिए कुंड बनाया है, लेकिन लोग सामग्री इसमें डालने की बजाय किनारे ही फेंक रहे हैं।

टुंकी टोली तालाब : तालाब के दो किनारे पर जलकुंभी व गंदगी की भरमार है। अब तक यहां सफाई नहीं हुई है। इस तालाब में जीर्णोद्धार का काम हुआ है, ऐसे में यहां किस जगह कितनी गहराई है, इसे चिन्हित करने का काम अब तक नहीं हुआ है।

लाइन तालाब, चडरी : लाइन तालाब चडरी में गहराई अधिक है। यहां डेंजर जोन सिंबल लगाया जाना था, प यह काम नहीं हुअा है। तालाब के किनारे दुर्गा पूजा के दौरान विसर्जित की गई प्रतिमाओं के अवशेष रखे हुए हैं। इसकी साफ-सफाई नहीं हुई है।

दिव्यायन तालाब : अन्य तालाबों की तुलना में यहां खर-पतवार कम हैं। पर घाट रिजर्व करनेवालों की भरमार है। एक जगह तो नाम के साथ आईपीएस भी लिखा हुआ है।

तेतर टोली तालाब में हर जगह हो चुकी है रिजर्व : तेतर टोली तालाब के किनारे घास व जलकुंभी निकालने का काम चल रहा है। तालाब साफ हो चुका है। घाट अब पूरी तरह से रंगीन हो चुके हैं। लोगों ने पेंट से घाट रिजर्व करने के लिए अपना नाम लिख दिया है।

करमटोली तालाब में इस बार पूजा नहीं कर पायेंगे : जेल मोड़ स्थित तालाब में खर-पतवार की सफाई दो दिन पहले हुई है। वहीं करमटोली तालाब में जीर्णोद्धार का काम चल रहा है। इस कारण इस साल छठ व्रती पूजा नहीं कर पाएंगे। तालाब के कई हिस्से में कितनी गहराई है, इसका अंदाजा
भी किसी को नहीं है।

10 नवंबर तक निगम ने रखा था सफाई का लक्ष्य : छठ महापर्व को लेकर रांची नगर निगम ने 53 वार्डों में पड़ने वाले 57 डैमों, तालाबों और नदी घाटों की सफाई 10 नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा था। इसको लेकर हेल्थ ऑफिसर किरण कुमारी ने सीएमओ, जमादार, जोनल सुपरवाइजर और एमपीएस प्रतिनियुक्त कर निर्देश जारी किया था। लेकिन, सुस्त रफ्तार के कारण निगम अपने निर्धारित लक्ष्य तक सफाई कर पाएगा, इसकी उम्मीद नहीं है। अधिकतर तालाबों में अभी भी सामग्रियं तैर रही हैं।

आज छठ घाटों का निरीक्षण : रांची अपर नगर आयुक्त गिरिजा शंकर प्रसाद ने कहा कि छठ घाट का निरीक्षण शुक्रवार से किया जाएगा। तय समय से पहले घाटों की सफाई होगी। घाटों पर अपना नाम लिखने वाले लोग चिह्नित होंगे। उन पर कार्रवाई होगी।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version