पलामू। पलामू के बकोरिया मुठभेड़ मामले में सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। इस मामले में सीबीआई दिल्ली की टीम बुधवार को रांची पहुंची और सीआईडी अधिकारियों से मुलाकात की। सीबीआई की टीम ने इस सिलसिले में सीआईडी से दस्तावेज भी प्राप्त किये. झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर बीते 19 नवंबर को सीबीआई ने बकोरिया मुठभेड़ मामले में केस दर्ज किया।
इस सिलसिले में सीबीआई दिल्ली के स्पेशल सेल-1 ने केस दर्ज किया। उदय यादव, एजाज अहमद और योगेश यादव समेत 9 लोगों को आरोपी बनाया गया है। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर पालमू के सदर थाने में दर्ज कांड को टेक ओवर कर सीबीआई ने नयी प्राथमिकी दर्ज की. सीबीआई की प्राथमिकी में आरोपियों पर धारा 147, 148, 149, 353, 307 व 25(1-ए), 25(1-बी)ए, 26(1)(2), 27(1)(2), 35 आर्म्स एक्ट के अलावा 17 सीएलए एक्ट व विस्फोटक एक्ट की धाराएं लगायी गयी हैं। बीते 22 अक्टूबर को झारखंड हाईकोर्ट ने इस मामले में सीबीआई जांच का आदेश दिया था. जस्टिस रंजन मुखोपाध्याय की कोर्ट ने जवाहर यादव की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनया था।
8 जून 2015 को पलामू के बकोरिया में पुलिस मुठभेड़ में पांच नाबालिग समेत 12 लोगों की मौत हो गई थी। मुठभेड़ के बाद पलामू डीआईजी हेमंत टोप्पो, लातेहार के तत्कालीन एसपी अजय लिंडा, पलामू सदर थाना के प्रभारी हरीश पाठक ने मुठभेड़ पर सवाल उठाये थे। दरअसल मई 2015 में आईबी ने 14 नक्सलियों के मोबाइल लोकेशन को लातेहार जिले के बार्डर पर ट्रैप किया था। इसकी सूचना सीआरपीएफ को दी गयी। सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन ने ऑपरेशन शुरू किया। आठ जून की रात पलामू एसपी ने सतबरवा ओपी इंचार्ज को लातेहार-पलामू हाइवे पर नक्सलियों के होने की सूचना दी और कोबरा बटालियन को सहयोग करने का निर्देश दिया। मुठभेड़ हुई, जिसमें 12 लोगों को मार गिराया गया. देर रात पलामू आईजी, एसपी और एसपी लातेहार मौके पर पहुंचे. मौके से बारह शव और आठ हथियार मिले थे।