LONDON : आपने भी सड़क, बस, मेट्रो या कहीं ना कहीं सु्ंदर लड़कियों के साथ बदसूरत ब्वॉयफ्रेंड को जरूर देखा होगा। उस वक्त आप निश्चित तौर पर खुद से ये प्रश्न करते होंगे कि ऐसे लड़को को इतनी सुंदर लड़कियां कैसे मिल जाती हैं? कई लड़के समझते हैं कि लड़की पटाने उनके बाएं हाथ का खेल है। लेकिन ऐसी लड़की को पटाना मुश्किल जरूर होता है जिसमें कुछ अलग बात हो। आज हम इस लेख में आपको बता रहे हैं कि आखिर सुंदर लड़कियां क्यों बदसूरत ब्वॉयफ्रेंड बनाती हैं।

लड़के और लड़कियां सिर्फ शारीरिक संरचना ही नहीं बल्कि सोच के आधार पर भी अलग होते हैं। लड़के अक्सर सुंदर और आकर्षित लड़कियों को पसदं करते हैं। जबकि लड़कियों की पसंद इस मामले में बहुत अलग होती है। लड़कियों को गोरे और चिकने लड़के नहीं बल्कि रफ लड़के पसंद आते हैं। लड़कियां एक ऐसा लाइफ पार्टनर ढूंढती हैं जो उन्हें इंटरटेन कर सके। यानि कि लड़कियों को हंसने बोलने और मजाक करने वाले लड़के खूब पसंद होते हैं। ये क्वालिटी खासकर बदसूरत लड़कों में देखी जाती है। इसलिए सुंदर लड़कियां ऐसे लड़को के साथ मिलती हैं।

लड़कियां लड़कों की शक्ल नहीं बल्कि लुक यानि कि पर्सनेलिटि देखती हैं। जिन लड़को की पर्सनेलिटि अच्छी होती है उन लड़को से लड़कियां बहुत जल्दी इम्प्रेस होती है। लड़कियां लड़को में मैच्योरिटी का गुण भी देखती हैं। लड़कियों को मैच्योर लड़के बहुत अच्छे लगते हैं। फिर चाहे ये गुण सुंदर लड़को में हो या बदसूरत लड़को में हो। लड़कियां उसे अपना लेती हैं। इसके अलावा स्पोर्ट्स लड़के, होशियार, चालाक, अमीर, बोल्ड अदाएं, सेक्सी, कामयाब और स्मार्ट माइंड लड़को को भी खूब पसंद करती है। अगर आप सुंदर लड़कियों के साथ बदसूरत लड़को को देखकर कन्फ्यूज होते हैं तो अब आपको इसका जवाब मिल गया है कि ऐसा क्यों होता है।

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