भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शनिवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की हिंसक राजनीति न केवल बंगाल बल्कि पूरे राजनीति जगत के लिए घातक है, क्योंकि लोकतंत्र में शुचिता के बजाय वह हिंसा को आदर्श मानकर चलती हैं।

एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में नड्डा ने कहा कि ममता बनर्जी कानून का शासन नहीं मानतीं। उन्होंने कहा कि भारत के संघीय ढांचे को ठेंगा दिखाकर ममता केंद्रीय कानून को बंगाल में लागू नहीं होने देतीं। महामारी कोरोना से मरने वालों की संख्या छिपा दी जाती है। डेंगू से मरने वालों की संख्या बताती ही नहीं हैं। क्या इस तरह से देश चलेगा? राज्य की अगर कोई समस्या है या किसी भी तरह की आपातकालीन परिस्थिति है तो स्थिति स्पष्ट होने पर केंद्र और राज्य एकसाथ मिलकर मुकाबला करते हैं। लेकिन केंद्रीय कमेटी भेजने पर बंगाल सरकार उनका अपमान करती है। क्या इसे कानून का राज कहेंगे? क्या यह संघवाद के लिए जायज है?
बंगाल में भाजपा का शासन स्थापित करने का दावा करते हुए नड्डा ने कहा कि ममता की हिंसक राजनीति और लोकतंत्र के विरुद्ध कार्यों की वजह से ही हम लोगों को यह बताना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जिस तरह देश आगे बढ़ रहा है, उसी तरह से बंगाल को भी आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि ममताजी की लाख तानाशाही और अत्याचार के बावजूद बंगाल में भाजपा का शासन स्थापित होगा। वहां कानून का राज स्थापित होगा। अमूमन रोज ही कहीं न कहीं बंगाल में किसी की हत्या होती है लेकिन निश्चित तौर पर भाजपा के शासन के बाद वहां लोगों के जनजीवन में सुख-शांति लौटेगी। लोग मुक्त वातावरण में सांस ले सकेंगे, विकास होगा, पार्टी कार्यकर्ता की तरह पुलिस का आचरण खत्म होगा। केंद्र की महत्वकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत का लाभ भी वहां के लोगों को मिलेगा।

नड्डा ने कहा कि ममता बनर्जी ने राजनीति की वजह से ही प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी परियोजना को लागू नहीं होने दिया है। मुख्यमंत्री जी, आपने राजनीतिक स्वार्थ पूर्ति के लिए बंगाल के लोगों को विभिन्न सुयोग सुविधाओं से वंचित किया है। आपको कौन माफ करेगा?

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