रांची। सातवीं से दसवीं जेपीएससी परीक्षा में अभ्यर्थियों की ओर से लगाए गए कथित धांधली और मंगलवार को हुए लाठीचार्ज के बाद बुधवार को राजभवन ने आयोग के अध्यक्ष अमिताभ चौधरी को तलब किया। इसके बाद जेपीएससी के अध्यक्ष अमिताभ चौधरी ने राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात की।

राज्यपाल रमेश बैस से मिलने के बाद राजभवन से निकलने के बाद जेपीएससी अध्यक्ष अमिताभ चौधरी ने कहा कि परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद जितने भी तरह की आपत्ति और सवाल खड़े हुए हैं। उन सभी का जवाब उम्मीदवारों को झारखंड लोक सेवा आयोग की वेबसाइट पर मिल जाएगी। साथ ही उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि आप मुझ पर भरोसा कर सकते हैं । आपकी आपत्ति पर विचार करते हुए जवाब दिया जाएगा। चौधरी बुधवार को राजभवन से बाहर निकलने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि आप लोग निश्चिंत रहिए। गुरुवार को वेबसाइट देख लीजिएगा। पत्रकारों ने उनसे पूछा कि क्या परीक्षा में कोई धांधली हुई है ? क्या पीटी परीक्षा रद्द हो जाएगी? हालांकि, इन सब सवालों के जवाब देने से अमिताभ चौधरी बचते रहे।

जेपीएससी अध्यक्ष अमिताभ चौधरी राज्यपाल से मुलाकात करने के बाद कुछ भी कहने से इनकार करते नजर आए। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि निश्चिंत रहें। उन्होंने कहा कि राज्यपाल से क्या कुछ चर्चा हुई। इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वह इस चर्चा को सार्वजनिक नहीं कर सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि झारखंड लोक सेवा आयोग की ओर से संयुक्त रूप से चार सिविल सेवा परीक्षा एक साथ ली गई। इसे सातवीं से दसवीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा का नाम दिया गया है। 19 सितंबर को प्रारंभिक परीक्षा ली गई थी। इसके बाद प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी किया गया। परिणाम जारी होते ही विवादों में आ गया। उम्मीदवारों का आरोप है कि आयोग की ओर से प्रारंभिक परीक्षा परिणाम में भारी गड़बड़ी हुई है। इस परिणाम में लोहरदगा और साहिबगंज जिला के केंद्र से सर्वाधिक उम्मीदवार पास किए हैं। प्रारंभिक परीक्षा में एक ही सेंटर से सीरियल नंबर में 50 से अधिक उम्मीदवारों का परिणाम निकला है

प्रारंभिक परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए उम्मीदवार लगातार आंदोलनरत थे। बीते मंगलवार को झारखंड लोक सेवा आयोग का दफ्तर घेराव करने निकले थे, जिसके बाद उम्मीदवारों पर पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किया गया। भाजपा के नेताओं ने लाठीचार्ज की घटना और प्रारंभिक परीक्षा परिणाम में हुई गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात कर परीक्षा की जांच कराने का अनुरोध किया था।

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