आजाद सिपाही संवाददाता
दुमका। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि मसलिया-रानीश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना सिंचाई के लिहाज से बेहद खास है। यह झारखंड की पहली ऐसी सिंचाई योजना है, जिसमे ना कोई विस्थापन होगा और ना ही कोई डूब क्षेत्र होगा। भूमिगत पाइपलाइन के जरिए 22383 हेक्टेयर खेत मे पटवन का पानी पहुंचेगा और फसलें लहलहायेंगी। मुख्यमंत्री गुरुवार को मसलिया -रानीश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के शिलान्यास कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने इस महत्वाकांक्षी योजना का भूमि पूजन करने के साथ इसके मॉडल का अवलोकन भी किया।

पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना बनेगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मसलिया-रानीश्वर सिंचाई कमांड एरिया को टूरिस्ट हब के रूप में विकसित किया जायेगा। इसके लिए योजना बनायी जायेगी। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के मौके मिलेंगे। वहीं, इस इलाके को पर्यटन के लिहाज से अलग पहचान भी मिलेगी।

मसानजोर डैम से अपेक्षित फायदा नहीं मिला
मुख्यमंत्री ने कहा कि मसानजोर डैम से दुमका को अपेक्षित फायदा नहीं मिल सका। इस डैम के निर्माण के दौरान यहां के कई गांव डूब क्षेत्र में आ गये। लोगों को यहां से विस्थापित होना पड़ा, लेकिन उसके एवज में सिंचाई एवं अन्य कार्यों के लिए इस इलाके को जो फायदा मिलना चाहिए था, वह आज तक नहीं मिला। इसका फायदा पड़ोसी राज्य उठा रहे हैं। इसी बात को ध्यान में रखकर हमारी सरकार ने मसलिया-रानीश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना को जमीन पर उतारने का संकल्प लिया है, ताकि खेतों को सालों भर पानी मिल सके। इससे पूरे इलाके का समग्र विकास होगा।

आदिवासी, दलित, पिछड़ा और अल्पसंख्यकों को बना रहे सशक्त
हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम कर रही है । राज्य के आदिवासी, दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक और उपेक्षित वर्ग को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा, रोजगार और आजीविका समेत कई क्षेत्रों में कई कल्याणकारी योजनाएं चलायी जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ देकर इन वर्गों के लोगों को सशक्त स्वावलंबी और आगे बढ़ने के मौके मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘आपकी योजना- आपकी सरकार -आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत पदाधिकारी आपके घर-गांव पहुंचकर आपकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। वे पूरे मान-सम्मान के साथ आपको आपका हक और अधिकार दे रहे हैं। इस योजना की सफलता का आकलन इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले वर्ष इस कार्यक्रम के तहत मिले 35 लाख से ज्यादा आवेदनों का लगभग निष्पादन हो चुका है। वहीं, इस वर्ष इस कार्यक्रम में अबतक 39 लाख से ज्यादा आवेदन मिल चुके हैं। इनके निपटारे की प्रक्रिया पूरे जोर-शोर से चल रही है। इस योजना को लेकर पूरे झारखंड में हर्ष और उल्लास का वातावरण देखने को मिल रहा है। इस अवसर पर मंत्री आलमगीर आलम और सत्यानंद भोक्ता, विधायक स्टीफन मरांडी, नलिन सोरेन, सीता सोरेन, बसंत सोरेन और दिनेश विलियम मरांडी समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।

1313.25 करोड़ रुपये खर्च होंगे, निर्माण कार्य 3 वर्ष में होगा पूरा
● मसलिया-रानीश्वर मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना के तहत भूमिगत पाइप लाइन के माध्यम से सिंचाई की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। इस योजना पर 1313.25 करोड़ रुपये खर्च होंगे जबकि निर्माण कार्य तीन वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है।
● दुमका जिले के मसलिया प्रखंड के 204 और रानीश्वर प्रखंड के 72 समेत कुल 276 गांव इस योजना से लाभान्वित होंगे।
● इस परियोजना के चालू होने से 22,383 हेक्टेयर कृषि भूमि में पटवन की सुविधा उपलब्ध होगी। इसमें मसलिया प्रखंड की 17066 हेक्टेयर और रानीश्वर प्रखंड की 5217 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि शामिल है।
● धान के अतिरिक्त दलहन और तिलहन के साथ रागी, ज्वार -मक्का जैसे फसलों की खेती के लिए सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।
● सिद्धेश्वरी नदी पर मुरगुनी गांव के पास एक बराज भी बनेगा। ताकि, पाइप लाइन के माध्यम से सिंचाई योग्य भूमि में पटवन के लिए हमेशा पानी उपलब्ध रहे।
● अगर कभी भारी वर्षा हो और खेतों को उतनी पानी की जरूरत नहीं है तो उस पानी को अगल-बगल के जलाशयों में डाइवर्ट कर भरा जायेगा, ताकि उसका अन्य कार्यों में इस्तेमाल हो सके।

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