रांची। जिले के नगड़ी थाना की पुलिस ने हत्या के एक मामले में नामजद आरोपी को पकड़ कर छोड़ दिया और उसी नाम के एक निर्दोष युवक को जेल भेज दिया था। इस मामले को लेकर ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट अनूप कुमार की शिकायत पर मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। मानवाधिकार आयोग ने रांची एसएसपी से इस मामले को लेकर चार सप्ताह में एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है।
बता दें कि 9 सितंबर 2021 को विमल महतो की हत्या कर दी गयी थी। इस मामले में नगड़ी थाना की पुलिस ने बीते 12 अक्टूबर 2021 को कल्लू उर्फ सूरज सोनी के बदले दूसरे युवक सूरज सोनी और एक अन्य युवक को जेल भेज दिया था। मृतक विमल महतो के भाई ने बीते 6 मई 2022 को कोर्ट में बयान दिया था कि यह बात सही है कि वर्तमान में जेल में बंद सूरज सोनी के खिलाफ पुलिस में आवेदन नहीं दिया था। लेकिन मैंने कल्लू उर्फ सूरज सोनी, जिसके पिता का नाम कार्तिक सोनी है और वह गुमला का रहने वाला है, उसके खिलाफ आवेदन दिया था। मैंने घटनास्थल पर उसी को देखा था। मृतक विमल महतो के भाई ने कहा था कि मेरे लिखित आवेदन पर पुलिस के द्वारा कल्लू उर्फ सूरज सोनी को हाजत में रखा गया था और पांच दिन बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया और उसकी जगह पर दूसरे सूरज सोनी को जेल भेज दिया।
जानें क्या है मामला
गौरतलब है कि नगड़ी थाना क्षेत्र के नारो महतो टोली के विमल महतो की हत्या कर दी गयी थी.। इस मामले में रांची ग्रामीण एसपी नौशाद आलम और नगड़ी के थाना प्रभारी विनोद राम ने बीते 12 अक्टूबर 2021 प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि युवक विमल की हत्या तीज पर्व पर शराब पिलाने को लेकर हुए विवाद के बाद की गयी थी। हत्या टेंपो का पहिया खोलने वाले रिंच से वार कर की गयी थी।