रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ईडी के द्वारा समन भेजने के बाद झामुमो भाजपा और राज्यपाल पर हमलावर है। झामुमो केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा 2019 में जो जनादेश मिला था उस जनादेश का इंक्रोचमेंट किया जा रहा है। विपक्ष साजिश के तहत हेमंत सरकार को अस्थिर करने में लगा है। माइनिंग लीज मामले में भारत निर्वाचन आयोग के भेजे मंतव्य को पहले तो राज्यपाल तीन माह तक सार्वजनिक नहीं करते, फिर कहते हैं कि वे आयोग से सेकेंड ओपिनियन मांग रहे हैं। साफ है कि आयोग स्वायत नहीं रह गया है। अगर रहता तो आज यह स्थिति नहीं बनती। सुप्रियो ने कहा कि झामुमो कार्यकतार्ओं में इससे जबरदस्त आक्रोश है। बहुत जल्द साजिश करने वाले झामुमो को उसी तेवर को देखेंगे, जो चार दशक (झारखंड आंदोलन को लेकर) तक देखने को मिला था। कार्यकर्ता अब सड़क से सदन तक नजर आएंगे। हम इतनी जल्दी हार मानने वालों में से नहीं हैं। हम बताएंगे कि उन्होंने गलत नंबर डायल किया है। उक्त बातें पार्टी मुख्यालय में बुधवार को सुप्रियो भट्टाचार्य ने प्रेस कांफ्रेंस में कही। मीडियाकर्मियों ने जब सुप्रियो से पूछा कि पंकज मिश्रा, दाहु यादव, प्रेम प्रकाश के साथ क्या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कोई संबंध है। इसपर सुप्रियो ने कहा कि पंकज मिश्रा को छोड़कर हम किसी को नहीं जानते। जब उनसे पूछा गया कि आप मुख्यमंत्री का बचाव कर रहे हैं। इस पर सुप्रियो ने कहा कि मुख्यमंत्री को नहीं अपने कार्यकारी अध्यक्ष और सरकार को डिफेंड कर रहा हूं। क्योंकि चुनाव में जनादेश झामुमो को मिला है। सुप्रियो ने सवाल किया कि मनरेगा घोटाले की सीबीआई जांच को आखिर ईडी ने क्यों लिया। क्यों यह जांच माइनिंग लीज तक पहुंच गयी। मतलब है कि पूरी स्क्रिप्ट सुनियोजित तरीके से रची गयी। आज जब अपने साजिश में विपक्ष फेल हो गया तो मोहरा बनाया गया। राष्ट्रपति चुनाव में आदिवासी चेहरे को चुना और बलि लेने का मन बनाया गया एक आदिवासी मुख्यमंत्री को। राज्यपाल पर निशाना साधते हुए सुप्रियो ने कहा कि वे चुनाव आयोग के मंतव्य को सार्वजनिक तो नहीं किये। हां, रांची से दूर और नागपुर के पास रायपुर में जाकर बोलते हैं कि वे चुनाव आयोग से सेंकेंड ओपिनियन ले रहे हैं। सभी जानते हैं कि सेंकेड ओपिनियन किसके इशारे पर लिया गया है। एक नैरेटिव सेट किया गया है कि मुख्यमंत्री को बर्खास्त किया जा सकता है, या उन्हें डिबार किया जा सकता है। देखा जाये, तो सेकेंड ओपिनियन इसी के लिए लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई से लोगों में आक्रोश है। हमलोग लंबे संघर्ष के लिये तैयार हो रहे है। सड़क से सदन तक जवाब देने के लिये तैयार है।