रांची । झारखंड हाई कोर्ट में गुरुवार को 2019 विधानसभा चुनाव में कांके विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी रहे सुरेश बैठा की इलेक्शन पिटीशन पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान भाजपा विधायक समरी लाल की ओर से उपस्थित आठवें गवाह बसंत राम का बयान दर्ज किया गया।

बसंत राम ने भी अपने बयान में यही बताया कि समरी लाल का परिवार आजादी से पहले से रांची में रह रहा है लेकिन इसका कोई दस्तावेजी प्रमाण उपलब्ध नहीं है। इसके बाद अदालत में समरी लाल की ओर से यह जानकारी दी गई कि उनकी तरफ से कुल 15 गवाह ही प्रस्तुत किए जाएंगे। याचिकाकर्ता सुरेश बैठा की ओर से हाई कोर्ट के अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, विभाष सिन्हा और अविनाश अखौरी ने पक्ष रखा जबकि समरी लाल की ओर से अधिवक्ता अमर कुमार सिन्हा ने उनका पक्ष रखा। शुक्रवार को भी इस मामले में सुनवाई होगी।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में कांके विधानसभा की आरक्षित सीट से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार सुरेश बैठा और भाजपा के प्रत्याशी समरी लाल चुनाव लड़े थे। मतगणना के बाद भाजपा प्रत्याशी समरी लाल को निर्वाचित घोषित किया गया, जिसके बाद सुरेश बैठा ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर समरी लाल के निर्वाचन को रद्द करने की मांग की है। इसके पीछे उन्होंने आधार दिया है कि समरी लाल द्वारा चुनाव के दौरान दिया गया जाति प्रमाण पत्र गलत है।

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