आजाद सिपाही संवाददाता
रांची। आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा है कि सोची-समझी साजिश के तहत ओबीसी को राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भागीदारी और प्रतिनिधित्व से रोकने के लिए सरकार हर हथकंडे अपना रही है। पंचायत चुनाव के बाद निकाय चुनाव में ओबीसी को आरक्षण से वंचित किया जाना इसका स्पष्ट प्रमाण है.. साथ ही राज्य सरकार ओबीसी हितों को लेकर जो भी दुहाई देती है, वह झूठ और फरेब के सिवाय कुछ नहीं होता। सरकार की नीति और नीयत ओबीसी के खिलाफ है। ओबीसी वर्ग के लिए निकाय चुनाव में आरक्षण लागू नहीं किये जाने के मसले पर गुरुवार को रांची में पार्टी के एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा नगर निकाय चुनाव में पिछड़ों के लिए आरक्षित सीटों को अनारक्षित किया जाना अनुचित है। सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ओबीसी अपने हक और अधिकार के लिए अब तक संघर्ष करते आये हैं। आजसू पार्टी इस आवाज को बड़े आंदोलन का रूप देने के लिए तैयार है। पंचायत चुनाव के बाद नगर निकाय चुनाव में भी ओबीसी के सीटों को सामान्य करना, महज संयोग नहीं हो सकता। यह पिछड़ों को राजनीतिक एवं सामाजिक रूप से दरकिनार का षड्यंत्र है। इससे पहले गुरुवार को इस विषय पर आजसू पार्टी की ओर से जिला मुख्यालयों में जुलूस निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके बाद उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को एक मांग पत्र सौंपा गया। रांची में मोरहाबादी मैदान से कार्यकर्ताओं ने जुलूस की शक्ल में राजभवन मार्च किया। राज्यपाल के नाम मांग पत्र सौंपा। राजभवन मार्च का नेतृत्व डॉ देवशरण भगत, हसन अंसारी, भरत काशी, संजय महतो, ज्ञान सिन्हा, वर्षा गाड़ी ने किया। इस अवसर पर केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत, केंद्रीय महासचिव राजेंद्र मेहता, केंद्रीय उपाध्यक्ष हसन अंसारी, रांची जिला परिषद अध्यक्ष निर्मला भगत, जिप उपाध्यक्ष बीणा देवी, केंद्रीय सचिव सुनील सिंह, संजय सिद्धार्थ, रामधन बेदिया, रांची जिलाध्यक्ष संजय महतो, भरत काशी, हकिम अंसारी, ज्ञान सिन्हा, सीमा सिंह, गौतम साहू, बनमाली मंडल, नईम अंसारी, जलनाथ चौधरी, जगरनाथ महतो, पार्वती देवी, वर्षा गाड़ी, चितरंजन महतो, विरेंद्र तिवारी, रंग बहादुर, चिंटू मिश्रा, सूरज, रमेश गुप्ता, सुनील यादव, बंटी यादव, नेहा, निलोफर, सुनिता, दिप्ती, सुरू, नीरज वर्मा, ओम वर्मा, राहुल, आशुतोष इत्यादि मुख्य रूप से शामिल हुए।

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