रांची। राजधानी के आड्रे हाउस तीन से पांच नवंबर तक विभिन्न प्रकार की कलाकृतियों और आर्ट एंड क्राफ्ट से गुलजार रहने वाला है। मौका है राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के द्वारा बनाई गइ्र चीजों की प्रदर्शनी का। इसे चाइल्ड आर्ट एक्जिबिशन नाम दिया गया है। इसमें राज्य के 24 जिलों के लगभग 100 से अधिक श्रेणियों में बनाई गई उत्कृष्ट कलाकृतियां रहेंगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पहल पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के तत्वावधान में पहली बार तीन से पांच नवंबर तक बाल कलाकार प्रदर्शनी कम सेल का आयोजन आड्रे हाउस में किया जायेगा। शिक्षा सचिव के रवि कुमार ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में बताया कि कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे। इस प्रदर्शनी मेले में छात्रों के द्वारा बनाई गई 100 से अधिक श्रेणियों में कलाकृतियां रखी गई है।
अर्निंग फॉर लर्निंग थीम के साथ कार्यक्रम की जा रही है, जिस प्रतिभा में बच्चों के अंदर क्षमता है, उसको आगे लाने का प्रयास किया जाएगा। इसमें विभिन्न विद्यालयों के बच्चों द्वारा बनायी गयी कलाकृति को प्रदर्शनी में रखी जायेगी। इसकी सेल भी की जायेगी, जिसमें 80 प्रतिशत राशि बच्चों को, 15 प्रतिशत राशि बच्चे के स्कूल को और पांच प्रतिशत वहां के शिक्षक को दी जायेगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत बाल कलाकार प्रदर्शनी झारखंड सरकार एवं स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की एक अनूठी पहल है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य झारखंड राज्य के स्कूली बच्चों में कला के हुनर को तराशते हुए एक ऐसा मंच प्रदान करना, जिसमें वे अपनी रूचि एवं योग्यता को आधार बनाकर स्वावलंबी बन सकें। प्रदर्शनी के पीछे शिक्षा विभाग की दूरदर्शी सोच की भी कहानी है।
इसमें बच्चों द्वारा बनायी गयी चित्रकारी, खिलौने, साज-सज्जा के सामान, स्थानीय कला का प्रदर्शन, राज्य की विशेष पहचान आदि अनेक कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएगी। प्रदर्शनी के माध्यम से छात्रों को एक्सएलआरआई, जमशेदपुर की विशेषज्ञ टीम द्वारा ऑनलाइन मार्केटिंग के लिए आवश्यक प्रशिक्षण का भी प्रावधान किया जा रहा है। इसमें छात्रों को स्वनिर्मित कलाकृतियों को बाजार में बेचने के सभी आधुनिक तरीकों के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा।