Close Menu
Azad SipahiAzad Sipahi
    Facebook X (Twitter) YouTube WhatsApp
    Wednesday, June 3
    • Jharkhand Top News
    • Azad Sipahi Digital
    • रांची
    • हाई-टेक्नो
      • विज्ञान
      • गैजेट्स
      • मोबाइल
      • ऑटोमुविट
    • राज्य
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
    • रोचक पोस्ट
    • स्पेशल रिपोर्ट
    • e-Paper
    • Top Story
    • DMCA
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Azad SipahiAzad Sipahi
    • होम
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खलारी
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामताड़ा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुर
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सरायकेला-खरसावाँ
      • साहिबगंज
      • सिमडेगा
      • हजारीबाग
    • विशेष
    • बिहार
    • उत्तर प्रदेश
    • देश
    • दुनिया
    • राजनीति
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • स्पोर्ट्स
      • हॉकी
      • क्रिकेट
      • टेनिस
      • फुटबॉल
      • अन्य खेल
    • YouTube
    • ई-पेपर
    Azad SipahiAzad Sipahi
    Home»Jharkhand Top News»सीएनटी में आवश्यक संशोधन तो हो, पर इसके दुरूपयोग से बचे सरकार : बंधु तिर्की
    Jharkhand Top News

    सीएनटी में आवश्यक संशोधन तो हो, पर इसके दुरूपयोग से बचे सरकार : बंधु तिर्की

    azad sipahi deskBy azad sipahi deskNovember 24, 2023No Comments3 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram LinkedIn Pinterest Email

    झायेरखंड में 1950 के जिला एवं थाना क्षेत्र के आधार पर सीएनटी जमीन की खरीद-बिक्री को मंजूरी मिले भी तो इस शर्त के साथ कि इसका व्यावसायिक इस्तेमाल न हो। खरीद-बिक्री की सीमा तय की जा

    रांची। झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने कहा है कि छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (सीएनटी एक्ट) में 1950 के जिला एवं थाना क्षेत्रों को आधार बनाने संबंधित आवश्यक संशोधन के लिए जनजातीय परामर्शदात्री परिषद (टीएसी) की बैठक में सहमति तो मिल गयी है, लेकिन वह अंतिम मंतव्य नहीं है। श्री तिर्की ने कहा कि इस मामले में झारखंड के लोगों और जमीन के जानकार विशेषज्ञ लोगों से भी सुझाव मांगा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 1950 में वर्तमान झारखंड क्षेत्र में केवल सात जिले और बहुत कम थाना क्षेत्र थे, जबकि आज उसकी संख्या बढ़ गयी और इस दृष्टिकोण से आवश्यक बदलाव जरूरी है। श्री तिर्की ने कहा कि यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सीएनटी के संदर्भ में किस विधायक ने अपना क्या सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के द्वारा अब तक इस मामले पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और कई नेताओं के द्वारा कही जा रही बातें केवल भ्रमित करने का ही प्रयास है।
    श्री तिर्की ने कहा कि यदि टीएसी यह महसूस करती है कि झारखंड के आदिवासियों के हित में यह जरूरी है कि 1950 के जिला एवं थाना क्षेत्र के आधार पर ही आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री को मंजूरी देते हुए आवश्यक संशोधन किया जाये तो उससे पहले सभी पहलुओं पर गौर करने के बाद ही ऐसा फैसला करना चाहिए। इस मामले में सरकार को अनिवार्य रूप से यह ध्यान रखना चाहिए कि सीएनटी एक्ट में वैसे ही संशोधन किये जायें, जिससे इस कानून का किसी भी दृष्टिकोण से दुरूपयोग नहीं हो, वे भूमिहीन नहीं हो जायें और उनका हित प्रभावित ना हो।
    श्री तिर्की ने कहा कि अब तक सीएनटी एक्ट में तमाम प्रावधानों के बाद भी झारखंड में आदिवासी जमीन का व्यापक स्तर पर दुरूपयोग हो रहा है और सही अर्थों में कहा जाये तो आदिवासियों के हाथ से जमीन लूटी जा रही है। लेकिन फिर भी इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि बरसों पुराना यह कानून, बदली हुई परिस्थितियों में कुछेक प्रावधानों के अंतर्गत अप्रासंगिक हो चुका है और इस परिप्रेक्ष्य में आवश्यक संशोधन निश्चित रूप से किया जाना चाहिए, परंतु इस मामले में दो महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए। ना तो वैसी जमीन का व्यापक स्तर पर व्यावसायिक इस्तेमाल हो और एक सीमा से अधिक इसकी खरीद-बिक्री को किसी भी हाल में मंजूरी नहीं दी जाये अर्थात प्रत्येक खरीद-बिक्री की सीमा को कठोरता से निर्धारित भी किया जाये और उसका व्यावहारिक स्तर पर अनुपालन भी हो।

    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email
    Previous Articleसीएम की लोक लुभावन घोषणाओं पर अब कोई भरोसा नहीं करता: बाबूलाल मरांडी
    Next Article प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में बोले प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह
    azad sipahi desk

      Related Posts

      रिम्स भूमि फजीर्वाड़ा मामले में प्रमोद महतो की अग्रिम जमानत पर 10 जून को अगली सुनवाई

      June 2, 2026

      रांची में पुलिस का मेगा चेकिंग अभियान, 15 से ज्यादा जगहों पर वाहनों की सघन जांच

      June 2, 2026

      टाटा–बक्सर एक्सप्रेस यात्रियों को बड़ी राहत, ट्रेन में बढ़ेगा एक और कोच

      June 2, 2026
      Add A Comment

      Comments are closed.

      Recent Posts
      • रिम्स भूमि फजीर्वाड़ा मामले में प्रमोद महतो की अग्रिम जमानत पर 10 जून को अगली सुनवाई
      • एलयूसीसी चिटफंड घोटालाः सीबीआई ने दो मुख्य आरोपितों को मुंबई से गिरफ्तार किया
      • भारत ने इबोला से निपटने के लिए अफ्रीका सीडीसी को भेजी 43 टन चिकित्सा सहायता
      • रांची में पुलिस का मेगा चेकिंग अभियान, 15 से ज्यादा जगहों पर वाहनों की सघन जांच
      • टाटा–बक्सर एक्सप्रेस यात्रियों को बड़ी राहत, ट्रेन में बढ़ेगा एक और कोच
      Read ePaper

      City Edition

      Follow up on twitter
      Tweets by azad_sipahi
      Facebook X (Twitter) Pinterest Vimeo WhatsApp TikTok Instagram

      Palamu Division

      • Garhwa
      • Palamu
      • Latehar

      Kolhan Division

      • West Singhbhum
      • East Singhbhum
      • Seraikela Kharsawan

      North Chotanagpur Division

      • Chatra
      • Hazaribag
      • Giridih
      • Koderma
      • Dhanbad
      • Bokaro
      • Ramgarh

      South Chotanagpur Division

      • Ranchi
      • Lohardaga
      • Gumla
      • Simdega
      • Khunti

      Santhal Pargana Division

      • Deoghar
      • Jamtara
      • Dumka
      • Godda
      • Pakur
      • Sahebganj

      Subscribe to Updates

      Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.

      © 2026 AzadSipahi. Designed by Launching Press.
      • Privacy Policy
      • Terms
      • Accessibility

      Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

      Go to mobile version