रांची (झारखंड)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को सीसीएल के 442 करोड़ रुपये वाले उत्तरी कर्णपूरा क्षेत्र में केडीएच-पुर्णाडीह कोल हैंडलिंग प्लांट का वर्चुअल रूप से शिलान्यास किया। वे जनजातीय गौरव दिवस पर भगवान बिरसा मुंडा की जन्मभूमि खूंटी में उपस्थित थे।

इस परियोजना के तहत केंद्र सरकार के ‘पीएम गतिशक्ति मास्टर प्लान’ के सिद्धांत को सीसीएल में समाहित करते हुए कोयला परिवहन में मेकेनाइज्ड फर्स्ट माइल कनेक्टिविटी की अवधारणा को मूर्त रूप दिया जाएगा। इसके जरिए सीसीएल के केडीएच तथा पुर्णाडीह कोयला खदानों से उत्पादित कोयले को निकटतम रेलवे सर्किट तक ले जाने की व्यवस्था की जायेगी, जहां से देशभर के ताप विद्युत संयंत्रों तथा अन्य उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाएगा। वर्तमान में इन खानों से कोयला टिपर द्वारा सड़क मार्ग से केडीएच रेलवे साइडिंग तक लाया जाता है।

इस संयंत्र में रिसीविंग हॉपर, क्रशर, 15000 टन क्षमता के कोयला भंडारण बंकर और कन्वेयर बेल्ट सम्मिलित हैं, जिनकी सहायता से कोयले को 4000 टन भंडारण क्षमता के साइलो बंकर द्वारा रेलवे वैगनों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसकी क्षमता 7.5 मिलियन टन प्रति वर्ष है। इस परियोजना के आरंभ होने पर धूल और वाहन जनित उत्सर्जन कम होगा, जिससे क्षेत्र के पर्यावरण में गुणात्मक सुधार होगा। इसके निर्माण कार्य के दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य है।

इस अवसर पर सीसीएल के सीएमडी डॉ. बी. वीरा रेड्डी, सीसीएल के निदेशक तकनीकी (संचालन) राम बाबू प्रसाद, निदेशक तकनीकी (योजना/परियोजना), बी. साईराम, महाप्रबंधक, एनके, संजय कुमार, अधिकारीगण, यूनियन के प्रतिनिधिगण, जन प्रतिनिधि, सीआईएसएफ के अधिकारी एवं जवान सहित सीसीएल के अन्य कर्मी मौजूद थे।

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