नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदूषण खतरनाक स्तर के करीब पहुंचने पर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण का मुख्य कारण पराली या दीपावली पर जलाए जाने वाले पटाखे नहीं, बल्कि खराब सड़कें और सार्वजनिक परिवहन का कमजोर ढांचा है।
दीक्षित ने कांग्रेस मुख्यालय में शनिवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दिल्ली में प्रदूषण पूरे साल बना रहता है, लेकिन नवंबर-दिसंबर में ठंड और कोहरे की वजह से प्रदूषक कण जमीन के करीब आ जाते हैं और हवा की गुणवत्ता और ज्यादा बिगड़ जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें एक-दूसरे पर दोष मढ़ने में लगी रहती हैं, जबकि वास्तविक कारणों पर ध्यान नहीं देतीं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली के प्रदूषण में 30 से 45 प्रतिशत योगदान वाहनों का है, जबकि वाहनों की तकनीक बीएस-3 से बीएस-6 तक उन्नत होने के बाद उत्सर्जन काफी घट गया है। इसके बावजूद हवा लगातार खराब हो रही है। इसका बड़ा कारण दिल्ली की सड़कों की खराब हालत है, जिसके चलते दिन में वाहनों की औसत गति 20–25 किमी/घंटा और शाम के समय 10–15 किमी/घंटा रह जाती है, जिससे प्रदूषण में ढाई गुना तक इजाफा होता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में सड़कें बेहतर थीं और तब वाहनों की औसत गति 35–50 किमी/घंटा थी, जिससे प्रदूषण नियंत्रित रहता था।
दीक्षित ने दिल्ली की मौजूदा और पूर्ववर्ती सरकारों की नीतिगत विफलताओं की वजह से हवा आज ‘खराब’ से ‘गंभीर’ श्रेणी तक पहुंच जाती है। केवल कुछ बसों को इलेक्ट्रिक करने से कोई बड़ा सुधार नहीं होने वाला। प्रदूषण नियंत्रण के लिए पूरा बस फ्लीट इलेक्ट्रिक करना होगा, तभी वायु गुणवत्ता में सुधार संभव है। दिल्ली को प्रदूषण संकट से बचाने के लिए सड़क ढांचे में सुधार और बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट की आवश्यकता है, वर्ना हालात और बिगड़ते जाएंगे।

