– बांग्लादेश, मालदीव, मोजाम्बिक, म्यांमार, सेशेल्स, श्रीलंका और वियतनाम के प्रशिक्षु पीओपी में शामिल हुए
नई दिल्ली। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने भारत को महाद्वीपीय और समुद्री ताकत बताते हुए कहा कि भारत की आखिरी किस्मत शायद समुद्र में ही तय होगी और इसमें नौसेना इस किस्मत को सुरक्षित करने में अहम भूमिका निभाएगी। भारतीय नौसेना अकादमी की पासिंग आउट परेड में शामिल अधिकारियों को उन्होंने सलाह दी कि युद्ध के मैदान में नाकाबिलियत की कीमत जान देकर चुकाई जाती है, इसलिए पेशेवर उत्कृष्टता की ओर बढ़ें।

केरल के एझिमाला में पासिंग आउट परेड (पीओपी) के समीक्षा अधिकारी जनरल अनिल चौहान ने शनिवार को कहा कि नौसेना हमारे राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित करने के लिए भविष्य में मिलिट्री पावर के किसी भी इस्तेमाल में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने नए-नवेले अधिकारियों से कहा कि पेशेवर उत्कृष्टता के लिए आपकी प्रतिबद्धता पक्की होनी चाहिए, ताकि शांति में आप तैयार रहें और युद्ध में आप जीतें। उन्होंने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि जब मैं सर्विस में शामिल हुआ था, तो सैन्य रणनीति काफी हद तक ज्योग्राफिकल बातों से तय होती थी। इसके विपरीत आज तकनीक ने ज्योग्राफिकल को पीछे छोड़ दिया है, जिससे यह कम प्रासंगिक हो गया है। टेक्नोलॉजी ज्यादातर मिलिट्री स्ट्रैटेजी, ऑपरेशनल आर्ट और यहां तक ​​कि सबसे छोटी टैक्टिक्स को भी चलाती है।

जनरल अनिल चौहान ने उन प्लाटून का निरीक्षण किया, जो भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल और दुनियाभर में अन्य मित्र विदेशी नौसेनाओं में सेवा देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि आप अपने पूरे करियर में इसी पर फोकस करें। साथ ही युद्ध कई तरह के हो गए हैं। कोई भी अकेली सर्विस अकेले युद्ध नहीं जीत सकती। भविष्य के सभी युद्ध इंटीग्रेटेड तरीके से लड़े जाएंगे। संयुक्तता ही वह मंत्र है, जो हम सभी को सफल बनाएगा। हम उसी हिसाब से तीनों सेनाओं के बीच संयुक्तता और इंटीग्रेशन को बढ़ावा दे रहे हैं। पहले भी कई मौकों पर मैंने कहा है कि भारत एक कॉन्टिनेंटल और एक मैरीटाइम पावर दोनों है, लेकिन भारत की आखिरी किस्मत शायद समुद्र में ही तय होगी और इसमें नौसेना इस किस्मत को सुरक्षित करने में अहम भूमिका निभाएगी।

रक्षा मंत्रालय के अनुसार पासिंग आउट परेड में बांग्लादेश, मालदीव, मोजाम्बिक, म्यांमार, सेशेल्स, श्रीलंका और वियतनाम के प्रशिक्षुओं ने हिस्सा लेकर भारत की मजबूत समुद्री साझेदारी और सहयोगी रक्षा जुड़ाव को रेखांकित किया। समारोह में प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति, वरिष्ठ नौसेना नेतृत्व, माता-पिता, प्रशिक्षक और सलाहकार मौजूद थे, जिन्होंने कैडेटों को उनके कठोर प्रशिक्षण के दौरान मार्गदर्शन दिया था। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में परेड की समीक्षा के साथ-साथ उत्कृष्ट कलाकारों को पदक और ट्रॉफी का पुरस्कार और स्ट्राइप्स की औपचारिक शिपिंग शामिल रही, जो कैडेट्स की अधिकारियों के रूप में औपचारिक कमीशनिंग का प्रतीक है।

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