प्रदेश भाजपा ने राज्य सरकार के एक साल पूरा होने पर आरोप पत्र जारी किया
रांची। प्रदेश भाजपा ने राज्य सरकार के वर्षगांठ पर शनिवार को आरोप पत्र जारी किया। प्रदेश कार्यालय में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, कार्यकारी अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, मुख्य सचेतक विधायक नवीन जायसवाल, प्रदेश मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह, आरोप पत्र समिति के सदस्य रविनाथ किशोर ने आरोप पत्र जारी किया। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि गठबंधन सरकार के 6 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन राज्य की जनता को कुछ नहीं मिला है। सरकार ने अपने वादों को पूरा नहीं किया है।
लूट और भ्रष्टाचार का राज
गठबंधन सरकार ने राज्य में लूट और भ्रष्टाचार का राज स्थापित कर दिया है। बालू, पत्थर, जमीन, कोयले की लूट मची है। आम आदमी के लिए बालू हीरा से भी महंगा हो गया है। कोयले का अवैध उत्खनन राज्य सरकार के संरक्षण में हो रहा है। गठबंधन सरकार आदिवासी विरोधी हैं। आदिवासी समाज के लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। जल, जंगल, जमीन लूटे जा रहे हैं। आदिवासी संस्कृति, धार्मिक स्थल, परम्परा पर कुठाराघात हो रहा है।
घुसपैठियों का संरक्षण
गठबंधन सरकार घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है। राज्य की डेमोग्राफी बदली जा रही है। अवैध डीजीपी की नियुक्ति से इस्तीफे तक की कहानी ने राज्य के वास्तविक हालात को उजागर किया है। गठबंधन सरकार ने अपने वादों को पूरा नहीं किया है। 1932 खतियान आधारित स्थानीय नीति लाने का वादा किया था, लेकिन कुछ नहीं किया। क्षेत्रीय भाषा और संस्कृति के संरक्षण का वादा किया था, लेकिन इसे खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है।
भाजपा झारखंड को लूटते, बर्बाद होते नहीं देख सकती। हम जन भावनाओं के अनुरूप जनता का सहयोग लेकर सड़क से सदन तक राज्य सरकार की नाकामियों, इनकी कारगुजारियों, भ्रष्टाचार, लूट-खसोट, घोटालों को उजागर कर रहे हैं और इसके खिलाफ
लगातार संघर्ष भी कर रहे हैं।
आरोप पत्र में क्या-क्या आरोप लगाए गए हैं
• मंईयां सम्मान योजना के अंतर्गत सभी महिलाओं को लाभ देने की घोषणा से हेमंत सोरेन सरकार मुकर गयी है।
• नगर निगम चुनाव में ओबीसी आरक्षण 14 प्रतिशत किया गया, जबकि गठबंधन सरकार की घोषणा 27 प्रतिशत देने की थी। पंचायत चुनाव में भी हेमंत सरकार ने पिछड़ों को धोखा दिया।
• एससी आयोग, पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्रालय का गठन अब तक नहीं होना राज्य की जनता के साथ धोखा है। 10 माह से 67 लाख गरीबों को दाल, चीनी, नमक उपलब्ध नहीं करा सकी है।
• राज्य के 10 लाख युवक युवतियों को नौकरी देने का वादा युवाओं के साथ फिर छलावा ही रहा।
• पेपर लीक, कदाचार, नियुक्ति में धांधली, फर्जी नियुक्ति कैलेंडर, भाई भतीजावाद ने युवक युवतियों के सपने पर करारा प्रहार किया है।
• नियोजन नीति नहीं बनने से स्थानीय युवा को लाभ नहीं मिल रहा है।
• परीक्षा का नोटिफिकेशन निकालना, फॉर्म भरवाना, शुल्क लेना और रात के अंधेरे में अपरिहार्य कारण बताकर परीक्षा रद्द करना रह गया है।
• जेएसएसी-सीजीएल पेपर लीक का मामला काफी चर्चित रहा है।
• सभी प्रखंडों में डिग्री कॉलेज तो दिवास्वप्न साबित हुआ है।
• सीएम स्कूल आॅफ एक्सीलेंस के दयनीय रिजल्ट भी इस महत्वकांक्षी योजना का पोल खोलती और छात्रों का भविष्य बर्बाद करती दिखती है। धान खरीद में राज्य सरकार फिसड्डी साबित हुई है। सरकार की कुव्यवस्था के कारण बिचौलिये ही किसान की चौखट तक पहुंच गये हैं।
• राज्य के बहुचर्चित शराब घोटाले में न केवल सरकारी खजाने को सैकड़ों करोड़ रुपये का चूना लगाया है।
• झारखंड शिक्षा विभाग में 75 करोड़ का आधार स्कैम उजागर हुआ है।
• झारखंडी कंपनियों को ही टेंडर में हिस्सा लेने से बाहर किया।
• स्वास्थ्य विभाग के द्वारा निकाले गए टेंडर में 50 करोड़ का घोटाला हुआ है।
• गृह विभाग में बड़े पैमाने पर टेंडर घोटाले हो रहे हैं और सरकार ने एक संगठित सिडिकेट को पनपने का खुला मौका दिया है।
• खेल विभाग में 6 करोड़ का घोटाला उजागर हुआ है।
• सिविल सर्जन के कार्यालय में नर्सिंग, पैरामेडिकल और अन्य तकनीकी स्टाफ के लिए टेंडर में 50 करोड़ का घोटाला हुआ है। भवन निर्माण विभाग में सिमडेगा में कोल्ड स्टोरेज निर्माण के लिए टेंडर में गड़बड़ी हुई है।
• सरकारी विभागों में रिक्त पदों की संख्या में बड़ा घोटाला हुआ है।
• राज्य आपदा मोचन निधि से खर्च हुए 1300 करोड़ का हिसाब नहीं दिया जा रहा है।
• स्वास्थ्य विभाग में टेंडर घोटाला और धार्मिक पक्षपात हुआ है।
• फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का मामला उजागर हुआ है।
• अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री पर फर्जी विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री लेने का आरोप लगा है।

