शराबबंदी को लेकर अपने ही सरकार के खिलाफ हम के नेता जीतन राम मांझी ने बड़ा बयान दिया है. आज अपनी ही सरकार के खिलाफ हम पार्टी के धरना के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी पूरी तरह से फेल है. सरकार के ही अधिकारी और सचिव शराब पीते हैं, अगर सही तरीके से इसकी जांच की जाए तो इसकी पुष्टि हो जाएगी.
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शराबबंदी से आदिवासी संस्कृति को बहुत हानि हो रही है, क्योंकि उस समुदाय में देवी-देवताओं को शराब चढाई जाती है. और दवा के रूप में प्रयोग की जाने के लिए शराब की छूट दी जानी चाहिए क्योंकी शराबबंदी से दवाओं पर भी असर पड़ा है. धरना स्थल पर मीडिया को संबोधित करते हुए जीतन राम मांझी ने कहा कि हमारी 9 महीने की सरकार के दौरान हमारे फैसले को लागू नहीं कराया जाना भी एक प्रमुख मुद्दा है
जीतन राम मांझी ने कहा कि हम और हमारी पार्टी संविदा पर नियुक्त सरकारी कर्मियों के समर्थन और 5 एकड़ तक की जमीन वाले किसानों को बिजली मुफ्त देने की माँग सरकार से किया है. उन्होंने किसानों के हित का ख्याल रखते हुए कहा कि धान के बिक्री में ₹500 बोनस के साथ धान की नमी की छतिपूर्ति हेतु 5 किलो प्रति क्विंटल धान लेकर तत्काल क्रय हेतु निर्देशित किया जाए. विधानसभा एवं लोकसभा में महिला आरक्षण बिल 33% बिहार पंचायती राज मॉडल सेट पर लागू करने की मांग भी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा ने रखा है. राज्यसभा और विधान परिषद में भी अनुसूचित जाति जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण की व्यवस्था करने पर विचार करने को सरकार से कहा है. साथ ही मांझी ने राज्य की विधि व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य की विधि व्यवस्था लगातार खराब होती जा रही है और अपराधी लगातार अपने मन सुबह में कामयाब होते दिख रहे हैं. इस दिशा में पहल करने की जरूरत मांझी ने बताया.