रांची: आपको बता दें कि नगर विकास मंत्री सीपी सिंह के भांजे पर एक महिला को अगवा कर उसका एमएमएस बनाने का आरोप लगा है। बता दें कि इस महिला ने इस मामले में लालपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई है। आपको बता दें कि पीड़ित महिला मूल रूप से हजारी बाग की रहने वाली है। इस महिला ने चुटिया में रहने वाले राहुल सिंह, राज्य के नगर विकास मंत्री के भांजे अजीत सिंह, प्रशांत सिंह और आरोपी युवक राहुल की मां भाजपा नेत्री नीलम सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई है।

इस महिला ने पुलिस को बताया है​ कि अगस्त में कॉलेज कैंपस सेलेक्शन के लिए राहुल सिंह, अजीत सिंह और प्रशांत सिंह को बुलाया गया था। जिसमे सभी ने उसे बैंक में नौकरी दिलाने की बात कही। जिसके बाद नीलम सिहं नाम की महिला को हेड मैम बताया और नंबर देकर उनसे संपर्क करने के लिए कहा गया। जब उस पीड़ित छात्रा ने संपर्क किया, तो उसे डंगराटोली चौक स्थित मॉल में बुलाया गया। जब वह वहां पर गई तो वहां पर राहुल, अजीत और प्रशांत पहले से मौजूद थे। जिसके बाद उन तीनों ने उस महिला को भाजपा नेत्री के होटल प्रताप रेसिडेंसी में रहने की बात कही और वहां पर ले गए। मगर वहां पर नीलम के साथ और दूसरी महिलाएं भी मौजूद थी। नीलम सिंह ने पीड़िता को बताया की आज उनके बेटे राहुल का जन्म दिन है और ये सभी इसी के लिए यहां पर आई हैं जो कि हमारी रिश्तेदार है।

जिसके बाद जन्मदिन का केक भी काटा गया और उस महिला को वह केक खिलाया गया जिसके बाद वह महिला बेहोश हो गई। उस महिला ने आगे पुलिस को बताया कि जब वह बेहोश हुई तो उस कमरे में केवल राहुल ही मौजूद था। जिसके बाद जब महिला होश में आर्इ् तो उससे कहा गया कि हमने तुम्हारा एमएमएस बना लिया है और यदि इस घटना के बारे में तुमने किसी को कुछ भी बताया तो हम इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर देंगें

इसके आगे उस महिला ने पुलिस को बताया कि जब उसने अपना शैक्षणिक प्रमाण पत्र मांगा तो राहुल उसे जबरदस्ती कोर्ट ले गया और वहां जाकर उसने उसके साथ जबरदस्ती शादी कर ली। जिसमें अजीत सिंह, अनुराधा कुमारी और मनीष दुबे इस शादी के गवाह बने। कोर्ट मैरेज करने के बाद उन लोगों ने पीडि़ता को वीडियो वायरल कर देने की धमकी देकर अगवा कर लिया। जिसके बाद उन लोगों ने उसके पिता से उसकी जान बचाने के लिए फिरोती मांगी गई। जब इस महिला ने इस बात का विरोध किया तो उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद वह उस पीड़िता को राहुल के पिता रामाशीष सिंह मध्य प्रदेश के सतना लेकर चले गए जहां पर उसे राहुल की बहन बता कर रखा गया ।

इसके बाद राहुल ने पीड़िता को अगवा करने और छोड़ने के एवज में उसके पिता से करीब 14 लाख रुपये फिरौती की रकम की मांग की जिसके बाद उसके पिता ने स्पेशल ब्रांच के अधिकारीयों ने इसके लिए मदद मांगी। उसके बाद स्पेशल ब्रांच के अधिकारियों की सहायता से उस महिला को 24 नंवबर की रात को आजाद करवाया गया।

पीड़िता के बयान पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और इस मामले में जाच कर रही है। मगर अभी तक ​किसी के गिरफ्तार होने की खबर नहीं मिली है।

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