लखनऊ के नगराम थाना क्षेत्र के डोरिया में युवक ने शनिवार शाम मंदिर के पास खेल रहे मासूम को एक किशोर की मदद से अगवा किया। मुंह में कपड़ा ठूंसने के साथ हाथ-पांव बांधे। फल के टोकरे में बंद करके पुलिया के नीचे छिपा दिया। इसके बाद पिता को फोन कर 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी।
अपहरण की सूचना हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों को साथ लेकर पुलिस ने तलाश शुरू की। पुलिया के नीचे चप्पल नजर आई। तलाशने पर टोकरी में बच्चा मिला, उसे बंधन मुक्त करने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को धरदबोचा।
एसओ नगराम संतोष कुमार सिंह ने बताया कि डोरिया के बजरंग रावत का इकलौता बेटा विकास (5) शनिवार शाम गांव के बाहर मंदिर के पास खेलने के दौरान लापता हो गया। देर शाम तक उसके घर न लौटने पर परिवारीजनों ने तलाश शुरू की। इस बीच अज्ञात व्यक्ति ने स्थानीय निवासी रामदेव को कॉल करके विकास के अपहरण की जानकारी देते हुए 30 लाख रुपये फिरौती मांगी।इकलौते बेटे के अपहरण का पता चलते ही घर में हाहाकार मच गया। बजरंग ने पुलिस को कॉल की। बताया कि विकास अनैया स्थित एक स्कूल में केजी का छात्र है। इस बीच बच्चे की तलाश में जुटे लोगों को पुलिया के नीचे बच्चे की चप्पल दिखी। अनहोनी की आशंका के चलते वे पुलिया के नीचे उतरे। वहां छिपाकर रखी प्लास्टिक की टोकरी में विकास बंधा पड़ा था