लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा का शीतकालीन सत्र 14 दिसंबर से शुरू होगा और इसके 22 दिसंबर तक चलने की संभावना है। इस सत्र के काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं, क्योंकि मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) सहित समूचा विपक्ष भाजपा सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की पूरी तैयारी में है।

सपा बिजली की बढ़ी दरें, चुनावी वायदे पूरा न करने, पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न व दावों के विपरीत लगातार बढ़ रहीं आपराधिक घटनाओं को मुद्दा बनाकर सरकार के प्रति पहले से ही हमलावर है। वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) व कांग्रेस भी निकाय चुनाव में कथित धांधली का मुद्दा उठाएगी। उधर, सरकार ने भी विपक्षी दलों को जवाब देने की पूरी तैयारी कर ली है।

सत्ता में नौ महीने पूरे कर चुकी भाजपा सरकार निकाय चुनाव में भारी जीत से उत्साहित है और विपक्ष के हमलों के जवाब देने को तैयार है।

सपा नेता और विधान परिषद सदस्य सुनील सिंह साजन ने कहा कि सरकार को बिजली दर में बढ़ोतरी पर सदन में जवाब देना होगा। बढ़ती महंगाई के बीच सरकार जनता पर बोझ लादने का प्रयास कर रही है। आमजन का यह मुद्दा सदन में जरूर उठाया जाएगा।

पिछले सत्र में विपक्षी दलों ने सदन की कार्यवाही में हिस्सा न लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की थी। तब बजट सत्र में विपक्षी नेताओं व सत्तापक्ष के बीच तीखा विवाद हुआ था। इस बार भी सपा ही नहीं, बल्कि कांग्रेस व बसपा भी सरकार को मिले विशाल बहुमत के बावजूद उसे घेरने की तैयारी में हैं। विपक्ष के बहिष्कार के कारण पिछली बार सत्र समय से पहले खत्म हो गया था।

भाजपा सरकार मौजूदा वित्तवर्ष में 18 दिसंबर को एक और अनुपूरक बजट लाने की तैयारी कर रही है। बजट 10-15 हजार करोड़ रुपये का होने का अनुमान है। इसके जरिए मुख्यमंत्री की उन घोषणाओं के लिए धन का बंदोबस्त किया जाएगा, जिसकी घोषणा उन्होंने समय-समय पर की है।

इधर, भाजपा के प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक ने कहा कि विपक्ष के पास अब कोई मुद्दा नहीं बचा है। निकाय चुनाव में जनता इनको सबक सिखा चुकी है। विपक्ष जनता का विश्वास खो चुका है। सरकार विपक्ष के आरोपों के जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version