चंडीगढ़। हरियाणा में पूंजी निवेश को आकर्षित करने के लिए उद्योग समूहों के साथ बैठकों के अलावा अब तक लगभग 150 बड़ी कंपनियों के साथ सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं जिनसे लगभग 86 हजार करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आएगा।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने आज फतेहाबाद में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि नारनौल में 1100 एकड़ भूमि पर लाजिस्टिक हब भी विकसित किया जाएगा।
दुबई की एक कंपनी ने इसमें निवेश की इच्छा जताई है। प्रदेश में बड़ी मात्रा में पूंजी निवेश के लिए नयी उद्योग नीति को लागू की है।
उद्योग के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल किया गया है और उद्योग स्थापना के लिए सभी स्वीकृतियां एक छत के नीचे ही दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि उद्योग समूहों को अनेक प्रकार की रियायतें भी दी गयी है ताकि वे हरियाणा में अपने उद्योग स्थापित करें और यहां के युवाओं के लिए रोजगार उपलब्ध हो सके।
सरकार ने ‘इंवेस्ट समिट’ का आयोजन किया जिसमें अनेक उद्योग समूहों ने हरियाणा में निवेश की इच्छा जाहिर की। लगभग 150 बड़ी कंपनियां हरियाणा में निवेश की इच्छुक हैं। जिससे हरियाणा में लगभग 86 हजार करोड़ रुपये का पूंजी निवेश होगा। उद्योग समूहों की मदद के लिए सरकार ने लाइजन अधिकारियों को तैनात किया है ताकि उन्हें किसी प्रकार की कोई कठिनाई पेश न आए।
खट्टर ने कहा कि नारनौल क्षेत्र में 1100 एकड़ भूमि पर माल ढुलाई के लिए लाजिस्टिक हब बनाया जा रहा है। इससे इलाके में विकास को गति मिलेगी और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
अपने दुबई दौरे की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि दुबई से अनेक बड़े उद्योगपति हरियाणा में निवेश के इच्छुक है। दिल्ली में 1200 एकड़ पर विकसित हो रहे ग्लोबल सिटी की तर्ज पर हरियाणा में भी बड़े उद्योगपतियों पूंजी निवेश करेंगे। दुबई से उद्योगपति जनवरी माह में हरियाणा सरकार के साथ बैठक करने के लिए आएंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले दिन से ही भ्रष्टाचार के मामले में ‘जीरो टोलरेंस’ की नीति को अपनाया हुआ है। विकास कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं है। प्रदेश में समान काम-समान विकास की नीति को क्रियान्वित किया गया है।