दुमका। कल्याण मंत्री डाॅ लुइस मरांडी के हथियापाथर आवास के सामने धरना पर बैठे एक पारा शिक्षक की रविवार अहले सुबह मौत हो गयी। रात में सभी पारा शिक्षक धरना स्थल पर ही सो गये थे। सुबह जब अन्य शिक्षकों ने साथी को जगाया तो पाया कि उनका पूरा शरीर अकड़ा हुआ था। माना जा रहा है कि पारा शिक्षक की मौत ठंड की वजह से हुई है।
एंबुलेंस से पहुंचाया हॉस्पिटल
डॉक्टर्स का कहना है कि मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से ही हो पाएगा। मृतक पारा शिक्षक की पहचान कंचन दास के रूप में की गई। वे रामगढ़ प्रखंड के भतुड़िया ए पंचायत अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय चीनाडंगाल में पारा शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। उनके एक साथी ने बताया कि हम 5-7 आदमी कल्याण मंत्री के आवास के बाहर सो रहे थे। कंचन बोला वो एक बार घर जायेगा। पर वो घर नहीं गया। सुबह जब सभी नींद से उठे तो उसे जगाया पर वो नहीं उठा। फौरन एंबुलेंस बुलाया और हॉस्पिटल ले गए। यहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया।
25 लाख रुपये मुआवजे की मांग
फिलहाल राज्यभर के पारा शिक्षकों की हड़ताल में ये भी शामिल थे और कल्याण मंत्री डाॅ लुइस मरांडी के आवास के सामने धरना पर बैठे थे। दरअसल, राज्य के सभी मंत्री के आवास के बाहर पारा शिक्षकों का धरना प्रदर्शन चल रहा है। इस घटना के बाद से पारा शिक्षक काफी आक्रोशित हो गए हैं। उन्होंने राज्य सरकार से 25 लाख रुपए मुआवजा और पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है।
मंत्री आवास की सुरक्षा बढ़ी
इधर, घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर लुइस मरांडी के घर के बाहर काफी संख्या में पुलिस जवानों को तैनात कर दिया गया है। वहीं, दुमका शहर में भी जगह, जगह पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है।
पुलिस ने 15 नवंबर को किया था लाठीचार्ज
राज्य भर के 67000 पारा शिक्षक अपनी सेवा नियमित करने की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। 15 नवंबर को रांची स्थित मोरहाबादी मैदान में स्थापना दिवस समारोह में पारा शिक्षकों ने काला झंडा दिखाया था। इसके बाद पुलिस द्वारा प्रदर्शन कर रहे पारा शिक्षकों पर लाठियां बरसाई गई। इसके बाद से पारा शिक्षक सभी मंत्री के आवास के बाहर धरना दे रहे हैं।