ऐडिलेड। ऐडिलेड टेस्ट में भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर शिकंजा कस लिया है। चौथे दिन लंच के बाद भारत ने अपनी बढ़त को 300 रनों के पार पहुंचा लिया है। ऐडिलेड की विकेट पर यह लक्ष्य हासिल करना काफी चुनौतीपूर्ण होगा। विकेट पर गेंद टर्न हो रही है ऐसे में चौथी पारी में बल्लेबाजी करना काफी मुश्किल होगा। आंकड़ों की बात करें तो वह भी भारत की जीत की ओर इशारा कर रहे हैं।

1884 में बने इस मैदान पर चौथी पारी में सिर्फ एक बार 300 से ऊपर का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल किया गया है। जबकि 200 से ऊपर का लक्ष्य सिर्फ तीन बार हासिल किया गया है। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया के लिए संकट बढ़ गया है। ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ एक बार 200 से ऊपर का टारगेट हासिल किया है। और वह भी 116 साल पहले। सन 1902 में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड के खिलाफ 315 रनों का लक्ष्य हासिल किया था।
इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया कभी भी चौथी पारी में 200 से ऊपर का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई है। 2015 में उसने न्यू जीलैंड के खिलाफ 187 रनों का लक्ष्य हासिल किया था। लेकिन इसे हासिल करने में उसके सात विकेट गिर गए थे।

भारत ने भले ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐडिलेड में सिर्फ एक ही मैच जीता हो लेकिन इस मैच में टीम इंडिया कुछ खास करती नजर आ रही है। 1947-48 के अपने पहले दौरे से लेकर 2014 तक के अपने पिछले दौरे तक भारत ने इस मैदान पर 11 टेस्ट मैच खेले और सिर्फ 1 बार, 2003 में उसे जीत मिली। वहीं ऑस्ट्रेलिया ने सात बार भारत को इस विकेट पर हराया है। तीन मैच ड्रॉ रहे हैं।

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ऐडिलेड टेस्ट मैच की दूसरी पारी में 34 रन बनाकर आउट हो गए। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1000 रन पूरे कर लिए। भारत के लिए ऐसा करने वाले वह चौथे बल्लेबाज बने। उनसे पहले सचिन तेंडुलकर, वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ ऐसा कर चुके हैं।

कोहली टेस्ट क्रिकेट में घरेलू और विदेशी, दोनों धरती पर 2000 टेस्ट रन पूरे करने वाले पहले भारतीय कप्तान बने। इसके साथ ही वह दुनिया के पांचवें कप्तान हैं जिन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। उनसे पहले- एलन बॉर्डर (ऑस्ट्रेलिया), रिकी पोंटिंग (ऑस्ट्रेलिया), ग्रीम स्मिथ (साउथ अफ्रीका) और ऐलिस्टर कुक (इंग्लैंड) ने यह मुकाम किया है।

कोहली ने बतौर कप्तान भारत में खेले गए 21 टेस्ट मैचों की 34 पारियों में तीन बार नॉट आउट रहते हुए 72.46 की औसत से 2246 रन बनाए हैं। इसमें 8 सेंचुरी और 4 हाफ सेंचुरी शामिल हैं। उनका स्ट्राइक रेट भी 65.29 का रहा है। इस दौरान उनका बेस्ट स्कोर 243 रन रहा है। वहीं विदेशी मैदानों पर खेले 22 मैचों (कप्तान के रूप) में उन्होंने 2024 रन बनाए हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ 200 रहा है। इसके साथ ही उन्होंने 9 सेंचुरी और 5 सेंचुरी लगाई हैं।

4000 टेस्ट पूरे करने वाले 10 बल्लेबाजों में कोहली का बल्लेबाजी औसत 63.73 है, जो सर्वश्रेष्ठ है। दूसरे नंबर पर हैं ब्रायन लारा हैं जिनका औसत 57.83 है। कोहली ने ऑस्ट्रेलिया में 1000 टेस्ट रन पूरे करने में 9 टेस्ट मैच खेले। यह सर डॉन ब्रैडमैन से 1 टेस्ट मैच कम है। हालांकि कोहली ने यहां तक पहुंचने में 18 पारियां खेलीं जबकि ब्रैडमैन ने सिर्फ 15 पारियों में यह मुकाम हासिल किया।

भारत ने ऐडिलेड टेस्ट में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अपनी पहली पारी में चेतेश्वर पुजारा की सेंचुरी की बदौलत 250 रनों का स्कोर बनाया। जवाब में ऑस्ट्रेलियाई टीम 235 रनों पर ऑल आउट हो गई। वहीं दूसरी पारी में एक बार फिर पुजारा ने एक बार फिर 50+ स्कोर बनाया।

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