रांची। 2021 में होनेवाली राष्ट्रीय जनगणना को लेकर तैयारियां शुरू हो गयी हैं। इसे लेकर सोमवार को मुख्य सचिव डॉ डीके तिवारी की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक हुई। मुख्य सचिव ने हर स्तर पर जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने और ससमय काम पूरा करने को लेकर जनगणना निदेशक को सभी डीसी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जनगणना का काम बड़ा है और इसमें बड़ी संख्या में मानव संसाधन की भी जरूरत पड़ेगी। इसलिए हर स्तर पर समन्वय जरूरी है। शिक्षा विभाग की ओर से सुझाव दिया गया कि यह कार्य गर्मियों की छुट्टियों में कराया जाये। इससे पढ़ाई भी बाधित नहीं होगी। वहीं एकल शिक्षक वाले स्कूलों के शिक्षकों को जनगणना में नहीं लगाने का भी आग्रह किया गया।
दो फेज में होगी गणना
गणना का कार्य दो चरणों होगा। कार्यक्रम के अनुसार जनगणना कार्य 2020 के जनवरी से शुरू होकर मार्च 2021 तक चलेगा। पहले चरण में घरों पर निशान लगा उसकी गणना की जायेगी। यह कार्य अप्रैल से सितंबर 2020 के बीच होगा। वहीं जनगणना का कार्य 20 दिनों में 9 फरवरी से 28 फरवरी 2021 के बीच होगा। जनगणना के दौरान जो व्यक्ति देश में जहां भी रहेगा, वहीं उसकी गणना होगी। उसके बाद रीविजन का कार्य एक मार्च से 5 मार्च 2021 तक चलेगा। घरों की गणना के दौरान ही नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) का भी पुनर्रीक्षण कार्य भी होगा। जनगणना के दौरान व्यक्ति विशेष द्वारा दी गयी हर जानकारी गुप्त रहेगी।
इस बार जनगणना का कार्य मोबाइल एप के जरिए होगा। तीन शहरों दुमका, सरायकेला खारसावां और धनबाद में एप की सफल टेस्टिंग हो चुकी है। वहीं, जरूरत के अनुसार कागज पर भी यह कार्य होगा। जनगणना में कोई भी व्यक्ति स्वघोषित तरीके से भी अपना नाम जुड़वा सकेगा। पूरी जनगणना की मॉनिटरिंग सेंसस वेब पोर्टल के माध्यम से होगी।
बैठक में विकास आयुक्त सुखदेव सिंह, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव केके खंडेलवाल, नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह, राजस्व सचिव केके सोन, पंचायती राज सचिव प्रवीण टोप्पो, सचिव महिला एवं बाल विकास अमिताभ कौशल आदि शामिल रहे।
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