दुमका/जरमुंडी। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा है कि मेरे यहां तक पहुंचने में मेरी मां का बहुत बड़ा योगदान है। मेरी मां अनपढ़ जरूर थी, लेकिन मेरे हर संघर्ष में वह मेरे साथ थीं। इसलिए हमने मुख्यमंत्री बनने के बाद ही महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सखी मंडल का गठन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ। संथालपरगना में कम उम्र में हमारी बेटियों की शादी कर दी जाती थी। इसलिए हमने मुख्यमंत्री सुकन्या योजना की शुरुआत की। मुख्यमंत्री मंगलवार को बरहेट और जरमुंडी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में आयोजित चुनावी सभाओं को संबोधित कर रहे थे। राज्य को आगे बढ़ाने में महिला शक्ति का बहुत बड़ा योगदान रहा है। जब तक महिला शक्ति को समाज से उनका हक नहीं मिलता, तब तक ये राज्य आगे नहीं बढ़ सकता। भाजपा सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में काम कर रही है।
तीन महीने में गांव-गांव में स्ट्रीट लाइट
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में घर-घर बिजली पहुंचाने के बाद सरकार गांव-गांव स्ट्रीट लाइट लगाने का काम कर रही है। पिछले पांच साल में 38 लाख घरों में बिजली पहुंचायी गयी है। तीन महीने के अंदर भाजपा सरकार झारखंड के गांव-गांव में स्ट्रीट लाइट लगायेगी, ताकि शहर की तरह गांव भी जगमग करें। सीएम ने कहा कि हमारी सरकार राज्य में 300 एग्रीकल्चर फीडर अलग से बना रही है। इससे किसानों को हमेशा बिजली मिल पायेगी।
झारखंड के दुश्मन से झामुमो ने की दोस्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी ने झारखंड राज्य दिया। ये वही आरजेडी और कांग्रेस है, जो झारखंड को अलग राज्य बनाना नहीं चाहते थे। आज जेएमएम ने इसी कांग्रेस और आरजेडी से दोस्ती की है, जो झारखंड के निर्माण में रोड़े अटका रहे थे। ऐसे लोगों को इस बार फिर सबक सिखाना है। झारखंड में जेएमएम और कांग्रेस का परिवारवाद नहीं चलेगा। 2000 से 2014 तक जेएमएम और कांग्रेस ने झारखंड के माथे पर भ्रष्टाचार का कलंक लगाया।
तेजी से संथाल का विकास हो रहा
सीएम ने कहा कि भाजपा की सरकार ने संथाल की जरूरतों को समझा और तेजी से इस क्षेत्र का विकास हुआ है। सिर्फ पांच साल में 4000 किलोमीटर से ज्यादा सड़कें बनी हैं। घर-घर बिजली पहुंची है। अब 2022 तक संथाल के हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचायेंगे। आज संथाल की महिलाएं सखी मंडल से जुड़कर स्वरोजगार कर रही हैं। यहां से जलकुंभी प्रोडक्ट्स इटली जा रहे हैं। सखी मंडल की बहनें 500 करोड़ के रेडी टू इट प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं।