दुमका। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दुमका जिला के चार विधानसभा क्षेत्रों के भाजपा प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित कराने को लेकर स्थानीय एटीन ग्राउंड में सोमवार को चुनावी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि संथाल की जनता चुनाव के एक-दो दिन पहले खस्सी-भात खाकर वोट देने के लिए नहीं है। लोग बता देंगे कि हम गरीब जरूर हैं, लेकिन बिकाऊ नहीं हैं। इसी एक वोट के अधिकारा के लिए हमारे पूर्वजों ने कुर्बानी दी है। उन्होंने लोगों से कहा: सबका खाना लेकिन कमल को वोट देना। अगर कोई खस्सी-भात देकर खरीदने की कोशिश करता है, तो उसका फोटो खींचकर चुनाव आयोग भेजें। उन्होंने जनता का आह्वान किया कि अंगड़ाई लो और झामुमो को संथाल से नेस्तानाबूद कर दो। बरहेट, दुमका व जामा से सोरेन परिवार को भगाना है। इस इलाके में आदिवासियों को लूटने वाले का राज का खात्मा होगा।
झामुमो नेताओं से पूछें कि अदिवासी-मूलवासी के लिए क्या किया
उन्होंने कहा कि वोट मांगने वाले झामुमो नेता से पूछो कि आदिवासी एवं मूलवासी के हित में आज तक एक भी काम किया है क्या ?संताल के 18 विधानसभा में कमल खिलाइये। गलती की तो पांच साल तक पछताना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने झामुमो और कांग्रेस पर जमकर प्रहार किया। कहा कि शिबू सोरेन ने अपने कोयला मंत्री के कार्यकाल में कोयला घोटाला किया। विपक्षी दलों का गठबंधन लुटेरों का गठबंधन है।
पुलिस गोली कांड का हवाला देकर शिबू को घेरा
मुख्यमंत्री ने 6 सितंबर 2008 को दुमका जिले के शिकारीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के आमगाछी-पोखरिया गांव में पावर प्लांट का विरोध कर रहे आदिवासियों पर पुलिस द्वारा चलायी गयी गोली से मरे दो आदिवासियों साइमन मरांडी एवं लखीराम टुडू का हवाला देते हुए कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिबू सोरेन की सरकार में कैसे आदिवासियों को अपनी जमीन की रक्षा के लिए जान गंवानी पड़ी। रघुवर दास ने कहा कि सत्ता में आते ही झामुमो आदिवासियों का हित की चिंता छोड़ अपनी झोली भरने में लग जाता है। चुनाव के समय आदिवासियों की दुहाई देकर भोले-भाले आदिवासियों का वोट छीनने का प्रयास कर रही है। उससे बचिये।