रांची। जमशेदपुर पूर्वी विधायक सरयू राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य में हुए सुनियोजित खनन घोटाले की जांच सीबीआइ या एसीबी से कराने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने राज्य में लौह अयस्क के अवैध उत्खनन के दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। सोमवार को लिखे गये पत्र में श्री राय ने कहा है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री और तत्कालीन महाधिवक्ता ने जान-बूझकर राज्य में अवैध खनन को संरक्षण दिया। इन्होंने अवैध खनन को तो बढ़ावा दिया ही, राज्यहित को भी नुकसान पहुंचाया। ऐसे में राज्य में अवैध खनन की जांच सीबीआइ या एसीबी से करायी जानी चाहिए। इससे षडयंत्र के सारे पहलू उजागर हो जायेंगे। पत्र में उन्होंने कहा है कि झारखंड में लौह अयस्क का अवैध उत्खनन करनेवाले खनन पट्टाधरियों पर 14,541 करोड़ का जुर्माना लगाया था। इस जुर्माने में ब्याज की राशि घटा देने पर जुर्माने की राशि 7,133 करोड़ रह गयी। इस राशि को राज्य सरकार को वसूलना था, पर पूर्व की भाजपा सरकार ने अवैध खननकर्ताओं से जुर्माने की राशि वसूलने की बजाय अवैध खनन के दोषियों को बचाने का षडयंत्र शुरू कर दिया। पूर्व के जिला खान पदाधिकारी की गणना के अनुसार शाह ब्रदर्स पर जुर्माने की राशि 605.56 करोड़ रुपये थी। नये जिला खान पदाधिकारी ने इसे घटाकर 194.59 करोड़ रुपये कर दिया। सरयू राय ने कहा कि एक ओर से जुर्माने की राशि घटा दी गयी, वहीं दूसरी ओर यह राशि भी नहीं वसूली गयी। उन्होंने कहा कि तत्कालीन महाधिवक्ता अजीत कुमार ने अवैध खननकर्ताओं के हक में अपने पद का दुरुपयोग एक से अधिक बार किया। हर बार मुख्यमंत्री ने तत्कालीन महाधिवक्ता का बचाव किया। यह सब जान बूझकर एक साजिश के तहत हुआ। महाधिवक्ता ने झारखंड राज्य बार कौंसिल का अध्यक्ष होने के नाते काउंसिल में मेरे खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कर मुझ पर अनुचित दबाव बनाया, पर राज्य में मंत्री होने के बाद भी मुख्यमंत्री ने महाधिवक्ता के खिलाफ कार्रवाई करने की मेरी मांग पर विचार नहीं किया।

Share.

Comments are closed.

Exit mobile version