मुंबई। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि सहकारी क्षेत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को दूर कर, उसे और अधिक सक्षम बनाते हुए आगे ले जाएंगे। इस क्षेत्र में पक्षपात और भेदभाव को मूकदर्शक बनके देखने की बजाय उसे दूर किया जाएगा। सहकारी क्षेत्र के बैंकों तथा अन्य बैंकों के कामकाज में सुधार की दिशा में तेजी से प्रयास शुरू कर दिया गया है।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने यह उद्गार शनिवार को अहमदनगर जिले के प्रवरा नगर में पहली सहकारी परिषद की बैठक में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र की समस्याओं को सुधारने के लिए राज्य सरकार को तटस्थ रहकर काम करना चाहिए। महाराष्ट्र की भूमि सहकारी क्षेत्र के लिए काशी जैसी ही पवित्र है। शाह ने कहा कि सहकारी क्षेत्र को सक्षम व मजबूत बनाने के लिए पिछले 75 साल में किसी ने प्रयास नहीं किया। इस क्षेत्र को सक्षम व मजबूत बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नया सहकारी विभाग बनाया है और इसकी जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है।

उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र को केंद्र सरकार की ओर से किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी। इस क्षेत्र में जो कमियां हैं , उन्हें विशेषज्ञों से चर्चा कर दूर किया जाएगा। महाराष्ट्र में सहकारी क्षेत्र देश के लिए आदर्श माने जाते रहे हैं, लेकिन इस क्षेत्र में अस्तित्व में आए कारखाने भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुके हैं। राज्य में सिर्फ इस समय तीन ही कारखाने बचे हुए हैं। इस क्षेत्र में सुधार के लिए प्रशासन पद्धति को आधुनिक बनाना होगा। कामकाज को कंप्यूटराइज्ड करना पड़ा। कर्मचारियों व अधिकारियों को प्रोफेशनल होना पड़ेगा। इसके लिए एक सहकारी विद्यापीठ की भी स्थापना की जाएगी। वित्त नियोजन, वितरण, मार्केटिंग आदि क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इस मौके पर केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री भागवत कराड, महाराष्ट्र विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फडणवीस, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल, भाजपा विधायक राधाकृष्ण विखे पाटिल आदि उपस्थित रहे।

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